नया मुरादाबाद की ग्रीन आर्चिड सोसायटी में लिफ्ट में कई लोगों के फंस गए। जिन्हें जैसे-तैसे लिफ्ट से बाहर निकाला गया। वहीं बारिश के कारण निकास अभाव में सोसाइटी के बेसमेंट में सीवर का गंदा पानी भर गया। इसे लेकर सोसायटी के लोगों ने जमकर हंगामा किया। साथ ही कुछ लोगों ने एमडीए के अधिकारियों से की है।
इस पर वीसी शैलेष कुमार ने एक टीम को मौके पर भेज कर इसकी जांच कराई है। एमडीए सचिव अंजूलता ने सोसाइटी संचालक को नोटिस जारी कर पूर्णता प्रमाण पत्र प्राप्त एक सप्ताह में प्राप्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
सोसायटी के लोगों ने बताया कि ग्रीन आर्चिड सोसाइटी के बिल्डर ने उन्हें 2019 में फ्लैट का अलॉटमेंट दिया था, लेकिन पांच साल बाद भी बिल्डर द्वारा एग्रीमेंट में लिखित रूप से दी गई मूलभूत सुविधाएं अभी तक पूरी नहीं की गई हैं।
मैनेजमेंट लगातार सोसायटी वासियों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ के बाद भी मेंटीनेंस के नाम पर शुल्क प्रतिमाह वसूल रहा है। आरोप है लिफ्ट में आए दिन बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं, फंस जाते हैं। शुक्रवार रात कई लोग लिफ्ट में फंस गए। जिन्हें कड़ी मशक्कत के बाद निकाला गया।
सोसायटी के लोगों का आरोप है कि सीवर का गंदा पानी भी सोसाइटी के बेसमेंट में जमा हो गया है। इसके विरोध में सोसाइटी के लोगों ने हंगामा किया। इस मौके पर सोसाइटी के अध्यक्ष भाजपा नेता अभिषेक चौबे, सनेश सिंह, विपुल सैक्सेना, हरविंद्र सिंह, सुनील अग्रवाल, मुकेश गुप्ता, गिरधर गुप्ता, हमेंत शर्मा, अनिल शर्मा, सोभन गर्ग आदि मौजूद रहे।
फ्लैट में रह रहे लोगों की शिकायत पर वीसी के निर्देश पर एमडीए की टीम शनिवार मौके पर पहुंच शिकायतों की जांच की। एमडीए के एक्सीएन अमित कादियान और उनकी टीम ने मौके पर सोसायटी के लोगों के सामने ही बिल्डर को बुला लिया और समस्याओं का निराकरण करने के निर्देश दिए।
ऐसा न करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है। वीसी शैलेष कुमार ने बताया कि शिकायत पर जांच कराई गई है। बिल्डर द्वारा किया गया निर्माण स्वीकृत मानचित्र के अनुरूप है। पूर्व में दिए गए निर्देश के बावजूद बिल्डर भवन का पूर्णता प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए ऑनलाइन आवेदन नहीं किया गया है।
लिहाजा एमडीए सचिव की ओर से बिल्डर को नोटिस जारी कर ऑनलाइन पोर्टल पर पूर्णता प्रमाण पत्र के लिए एक सप्ताह के अंदर आवेदन करने को कहा गया है। ऐसा न करने पर बिल्डर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।