मुरादाबाद से ठाकुरद्वारा मार्ग के लिए 38.5 किलोमीटर रोड बनाने का रास्ता साफ हो गया है। एनएचआई ने सड़क का काम शुरू कर दिया है। 39 गांवों का अधिग्रहण मिलने के बाद भी किसानों ने इस पर कब्जा किया था। इससे काम शुरू नहीं हो पा रहा था।
ठाकुरद्वारा-मुरादाबाद मार्ग के चौड़ीकरण का रास्ता साफ हो गया है। 12 किलोमीटर के रास्ते के चौड़ीकरण के लिए जमीन पर कब्जा मिल गया है। अधिग्रहण के बाद भी कब्जा नहीं मिलने से चौड़ीकरण का काम शुरू नहीं हो सका था। अब सड़क निर्माण में तेजी आएगी।
एसएलओ विनय कुमार के नेतृत्व में 12 फरवरी से कब्जा मुक्त अभियान चलाया गया। चार दिनों के अंदर जिला प्रशासन ने हल्के विरोध के बावजूद रोड के इर्दगिर्द की छह किमी जमीन को कब्जा मुक्त कराकर एनएचएआई के हवाले कर दिया। एसएलओ का कहना है कि अभी तक 12 किमी जमीन रोड चौड़ीकरण के लिए मुक्त करा दी गई है।
चांदपुर ऐतमाली से लेकर देवीपुरा मुस्तकम तक एनएचएआई को रोड चौड़ीकरण करने में कोई दिक्कत पेश नहीं आएगी। अभी एनएचएआई के ठेकेदार ने काम शुरू नहीं कराया है। सुलतानपुर दोस्त की जमीन सरकारी है।
सिर्फ पांच गांवों श्यामपुर हादीपुर, बारूभूड़ा, गूंगानगला, कोरबाकू की जमीन कब्जा मुक्त कराने के लिए बाकी है। इधर काफी संख्या में किसानों ने जमीन का मुआवजा नहीं लिया है। किसानों का कहना है कि केंद्र सरकार 2019 के दर पर मुआवजा दे रही है। उनको 2024 के दर पर मुआवजा मिलना चाहिए। इस रोड की मॉनिटरिंग एनएचएआई के चेयरमैन कर रहे हैं।
मुरादाबाद-ठाकुरद्वारा रोड उत्तराखंड को जोड़ती है। प्रधानमंत्री ने इस रोड को पर्यटकों और आम लोगों के लिए महत्वपूर्ण मानते हुए दो साल पहले देहरादून से शिलान्यास किया था। रोड के लिए बजट आवंटित होने के बाद इस रोड को फोरलेन बनाने का निर्णय लिया गया।
मंडलायुक्त और डीएम इस रोड के कार्य को काफी गंभीरता से ले रहे हैं। दोनों अधिकारियों ने एनएचएआई पर शीघ्र कार्य करने के लिए दबाव बनाया है। कई पर्यटकों ने रोड की खराब हालत को देखते हुए टिप्पणी भी की है।
एसएलओ एवं सिटी मजिस्ट्रेट विनय कुमार ने बताया कि रिंग रोड के कार्यों का भी निरीक्षण किया जाएगा। इस मामले में एनएचएआई के अभियंता से बातचीत कर कार्य की गति में तेजी लाने का प्रयास किया जाएगा। पता चला कि रिंग रोड का काम काफी धीमी गति से चल रहा है।