मुरादाबाद। एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय को शासन की ओर से 14 राजकीय महाविद्यालयों में पाठ्यक्रम संचालन की अनुमति मिली है। इसमें मुरादाबाद का कांठ में निर्माणाधीन राजकीय महाविद्यालय मथाना भी शामिल है। विश्वविद्यालय इस कालेज में पारंपरिक पाठ्यक्रम के बजाय व्यावसायिक पाठ्यक्रम संचालित करने की योजना बना रहा है। विश्वविद्यालय अधिकारियों का कहना है कि विद्यार्थियों को कम फीस पर रोजगारपरक शिक्षा प्राप्त करने का मौका मिलेगा।
शासन ने नवनिर्मित और निर्माणाधीन महाविद्यालयों को संबंधित विश्वविद्यालय के क्षेत्रांतर्गत संघटक महाविद्यालय के रूप में चलाने का निर्णय लिया है। इन महाविद्यालयों पर विश्वविद्यालय का पूर्ण प्रशासकीय, वित्तीय और शैक्षिक नियंत्रक होगा। मीडिया प्रभारी एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय डॉ. अमित सिंह ने बताया कि अब सरकार भवन बनाकर विश्वविद्यालय को दे रही है। इसमें पाठ्यक्रम संचालन की जिम्मेदारी सरकार के बजाय विश्वविद्यालय की रहेगी। जिन कालेजों का निर्माण कार्य 80 फीसदी तक हो गया है और जून माह तक कार्य पूरा हो जाएगा, उनमें जुलाई माह से शैक्षिक सत्र की शुरुआत होगी। 50 फीसदी से कम निर्माण कार्य वाले कालेजों में 2022 से शैक्षिक सत्र शुरू किया जाएगा। इन कालेजों में बीए, बीकॉम, बीएससी जैसे पारंपरिक पाठ्यक्रम के बजाय, बीएड, एलएलबी, बीपीएड, फार्मेसी, एमबीए, एएनएम, बीएनएम आदि जैसे व्यावसायिक पाठ्यक्रमों का संचालन करना है, ताकि विद्यार्थियों को रोजगारपरक शिक्षा घर के पास कम खर्चे में मिल सके। निजी संस्थानों में इन पाठ्यक्रमों की फीस अधिक होती है। इसलिए सरकारी इन्फ्रास्ट्रक्चर में कम फीस पर विद्यार्थियों को पढ़ने का मौका मिलेगा।
सभी राजकीय महाविद्यालय संघटक महाविद्यालय हो गए हैं। इनके संचालन की जिम्मेदारी शासन के बजाय विश्वविद्यालय की है। राजकीय महाविद्यालय कांठ का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। शासन से इसकी पहली किस्त के रूप में ढाई करोड़ रुपये मिल गए हैं। यह प्रोजेक्ट नौ करोड़ 23 लाख रुपये का है। अगले सत्र तक कालेज निर्माण पूरा होने की उम्मीद है।
- डॉ. राजेश प्रकाश, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी।