आठ साल से मायके में ही रह रही थीं हुमा
बताया जा रहा है कि हुमा उस्मानी की शादी देहरादून में हुई थी लेकिन पति से तलाक हो गया था। करीब आठ साल से वह अपने मायके में ही रह रहीं थीं। हुमा के तीन भाई और एक बहन है। हुमा ऊपरी मंजिल पर बने कमरे में रहती थीं। बाकी परिवार के लोग निचले हिस्से में ही रहते हैं।
दुख जताने पहुंचे जनप्रतिनिधि और साहित्यकार
शायर मंसूर उस्मानी देश विदेश में शायरी पढ़ चुके हैं। बेटी की मौत से मंसूर उस्मानी बेसुध हो गए हैं। उनकी बेटी की मौत की खबर जिसने भी सुनी वह दुखी हो गया। हादसे की सूचना मिलते ही जनप्रतिनिधि, साहित्यकार और शहर के अन्य लोग भी मंसूर उस्मानी के आवास पर पहुंचे और दुख जताया। बृहस्पतिवार की दोपहर करीब तीन बजे हुमा उस्मानी को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया।
रात में हीटर या ब्लोअर चलाकर सोने के नुकसान
फिजिशियन डॉ. सौभाग्य मिश्रा के मुताबिक रात में हीटर-ब्लोअर चलाकर सोना खतरनाक हो सकता है। बंद कमरे में हीटर चलने से ऑक्सीजन तेजी से खत्म होती है। इससे घुटन, बेचैनी और सांस लेने में दिक्कत हो सकती है। साथ ही शार्ट सर्किट और आग लगने का पूरा खतरा रहता है।