पाकबड़ा थाना क्षेत्र की महिला को बेटी पैदा होने पर उसके पति ने तीन तलाक दे दिया। पुलिस ने इस मामले में पति समेत पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। पीडिता ने ससुरालियों पर दहेज उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है।
सिविल लाइंस क्षेत्र में बेटी और बहन के सामने एक महिला को पति ने तीन तलाक दे दिया। पुलिस ने पीड़िता की तहरीर पर आरोपी पति के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। पीड़ित महिला ने बताया कि 16 दिसंबर 2006 को उसका निकाह मूंढापांडे के गांव निवासी युवक से हुआ था।
निकाह के बाद कुछ दिन तक तो पति व ससुरालियों का व्यवहार ठीक रहा। इसके बाद उसके साथ मारपीट और गाली गलौज करने लगे। पांच बच्चे होने के बाद भी ससुरालियों का व्यवहार नहीं बदला। तीन साल पहले पति, जेठ, जेठानी, जेठ का बेटा और ननदोई ने उसके साथ मारपीट कर घर से निकाल दिया।
इसके बाद पीड़िता अपने बच्चों को लेकर किराये के मकान में रहने लगी। आरोप है कि ससुरालियों ने उसके दहेज का सारा सामान और गहने अपने पास रख लिए। महिला का आरोप है कि 11 जून को आरोपी पति घर में घुसकर महिला और उसके बच्चों के साथ मारपीट की।
विरोध करने पर आरोपी पति ने पीड़िता की बेटी और फुफेरी बहन के सामने आरोपी पति ने उसे तीन तलाक दे दिया। इसके बाद आरोपी भाग गया। सीओ सिविल लाइंस अर्पित कपूर ने बताया कि तहरीर के आधार पर केस दर्ज किया गया है।
मूंढापांडे में दहेज की मांग पूरी न होने पर महिला को तीन तलाक दे दिया। इस मामले में पुलिस ने पीड़िता की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी किसान ने अपनी बेटी की शादी नियामतपुर इकरोटिया निवासी इमरान के साथ की थी।
एक वर्ष बाद उसने एक बेटी को जन्म दिया था। आरोप है कि पति और ससुराल वाले उसे ताने मारने लगे थे। बच्ची की एक साल के बाद बीमारी से मृत्यु हो गई थी। उसने पुलिस को दी तहरीर में कहा कि दहेज की मांग को लेकर आए दिन पति मारपीट करता था।
एसएचओ शैलेंद्र कुमार ने बताया कि पीडिता की तहरीर आधार पर पति के खिलाफ दहेज उत्पीड़न और तीन तलाक का मुकदमा दर्ज किया गया है।