मुरादाबाद। बजट प्रस्ताव के लिए फरवरी महीने में ही होने वाली एमडीए बोर्ड की बैठक 31 मार्च को होगी। हालांकि बोर्ड बैठक की अभी तक कोई तैयारी नहीं थी, जब कमिश्नर आन्जनेय कुमार सिंह ने वीसी यशु रुस्तगी से पूछ लिया कि बजट प्रस्ताव पर चर्चा के लिए बैठक कब होगी, तब बैठक एजेंडा जारी किया गया।
मुरादाबाद विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष और कमिश्नर आन्जनेय कुमार सिंह ने बताया कि 31 मार्च को दोपहर 12 बजे से एमडीए बोर्ड की बैठक बुलाई गई है। बैठक कमिश्नरी सभागार में होगी। याद रहे कि पिछली बैठक चार दिसंबर 2020 को हुई थी। नियमानुसार बजट प्रस्ताव की बैठक फरवरी महीने में हो जानी चाहिए, लेकिन पिछली बैठक के तीन महीने पूरे होने के बाद भी एजेंडा नहीं जारी किया जा रहा था। इधर, कमिश्नर आंजनेय कुमार सिंह शहर को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए प्रयासरत हैं। इसी के तहत उन्होंने एमडीए उपाध्यक्ष से बोर्ड बैठक की जानकारी ली। कहा कि यदि बैठक मार्च में नहीं होगी तो बजट प्रस्ताव क्या नए वित्तीय वर्ष में किया जाएगा। इस पर उपाध्यक्ष ने बैठक एजेंडा जारी कर दिया है। बैठक की बाबत कमिश्नर ने बताया कि साल की पहली बोर्ड बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा होनी है। गजरौला के मास्टर प्लान की मंजूरी और शहर विकास की कार्यवृत्ति पर चर्चा की जाएगी। पिछली बैठक में हुए निर्णयों और उनके धरातल पर उतरने की भी समीक्षा होगी।
न आश्रय आवास ढहाए गए, लेकिन मकानों को बेचने में मिली कामयाबी
एमडीए की पिछली बोर्ड बैठक में एकता विहार दक्षिणी आवासीय क्षेत्र में 2001 में करोड़ों रुपये खर्च कर 576 आश्रय आवासों का निर्माण कराया गया था, लेकिन एक भी आवास खरीदने के लिए कोई नहीं आया। वहीं कई अन्य आवासीय परियोजनाओं में भी एमडीए का पैसा फंस गया। पिछली बैठक में पुराने आवासों को ढहाने और नई परियोजनाओं के आवास बिक्री पर जोर दिया गया था, लेकिन एमडीए प्रशासन न तो खरीदार ही ढूंढ पाया और न ही आवास ढहाए जा सके। इसी तरह कई अन्य प्रस्तावों पर भी अमल होता नहीं नजर आया।
फिर उठेगा दैनिक भोगी 110 कर्मियों को मुद्दा
एमडीए बोर्ड बैठक में 110 दैनिक भोगी कर्मियों को नियमित किए जाने का मुद्दा भी गूंजेगा। याद रहे कि वीसी के सेवा पत्रावली पर अनुमोदन न देने से 21 दिसंबर से इन 110 कर्मियों की सेवाएं समाप्त हो गईं थीं। कर्मचारी संगठनों के लामबंद होने के बाद कमिश्नर के हस्तक्षेप पर इन सभी 110 कर्मियों को बहाल कर दिया गया था।