परिजनों की शिकायत पर सिटी मजिस्ट्रेट और जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. डीके प्रेमी के साथ मैंने ब्राइट स्टार अस्पताल का निरीक्षण किया था। यहां तीन बजे के बाद छह लोगों की मौत का मामला सामने आया था। मरने वालों के रिकार्ड और ऑक्सीजन प्लांट का निरीक्षण किया गया। इसके बाद इस निष्कर्ष पर पहुंचा गया कि अस्पताल में ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है। बुधवार की रात भी ऑक्सीजन की कमी नहीं थी। तीन बजे के बाद जिन छह मरीजों की मौत हुई है, उनकी 21 बिंदुओं पर सूचना प्राप्त करके जिला डेथ ऑडिट कमेटी द्वारा विश्लेषण किया जा रहा है। - डा. विनीत शुक्ला, एडी हेल्थ
ऑक्सीजन कोई कमी नहीं थी। अफवाह फैलाई गई। सभी छह मरीज गंभीर थे। सभी वेंटिलेटर पर थे। सभी के फेफड़े अस्सी से नब्बे फीसदी खराब थे। ज्यादातर की मौत एआरडीएस और प्लमोनरी एंबोलिज्म से हुई है। - डा. सीपी सिंह, डायरेक्टर, ब्राइट स्टार हॉस्पिटल
बीस के मरने की फैली थी अफवाह: डीएम
डीएम राकेश सिंह का कहना है कि यह अफवाह फैली थी कि वहां पर बिना ऑक्सीजन 20 लोगों की डेथ हो गई है, लेकिन वहां ऑक्सीजन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। अधिकारियों को इसी बात की जांच के लिए भेजा गया है अगर ऑक्सीजन की कमी से डेथ होती तो जो पेशेंट वेंटीलेटर पर थे, जो बाईपाइप पर थे उनकी डेथ भी होती। एक लाइन से जितने मरीज लगे हुए थे अगर आक्सीजन की वजह से कोई दिक्कत होती तो उस लाइन से जुड़े सभी को दिक्कत होती लेकिन अलग-अलग बिस्तर पर डेथ होने को ऑक्सीजन की कमी प्राइमाफेसी कारण नहीं माना जा सकता लेकिन गहराई से जांच जारी है।
ब्राइट स्टार अस्पताल के मृतकों के नाम
1. अरुण कुमार (58)- बुद्धि विहार
2. ओमपाल (35)- लाजपतनगर
3. अखिलेश विश्नोई (36)- सरखड़ा
4. जॉन ई पॉल (39)
5. फिरासत
6. नितिन तोमर