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Azam Khan News: आजम खां का भाजपा प्रत्याशी पर हमला, कहा-वो दलबदलू और अहसान फरामोश हैं, हमने उनके लिए क्या नहीं किया

Thu, 16 Jun 2022 11:47 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर

सार

आजम खां ने बुधवार रात बिलासपुर में सपा प्रत्याशी आसिम राजा के समर्थन में जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि अवाम उनके ऊपर हुए जुल्मों को न भूले और जम्हूरी तरीके से हिसाब ले। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी को दलबदलू और अहसान फरामोश बताते हुए कहा कि उन्होंने उनके लिए क्या नहीं किया। 
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सभा को संबोधित करते आजम खां - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के बिलासपुर में सपा नेता आजम खां ने भाजपा प्रत्याशी को दलबदलू और अहसान फरामोश कहते हुए निशाना साधा। कहा कि हमने उनके लिए क्या नहीं किया, हेलीकॉप्टर से टिकट (सिंबल) मंगवाया था, फिर भी उन्होंने अहसान नहीं माना। इस दौरान आजम खां ने बिना नाम लिए नवेद मियां पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जो खुद को नवाब कहते हैं वो तीन हजार वोट पाते हैं। इससे ज्यादा वोट तो लोग नोटा को डाल देते हैं।
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आजम खां ने बुधवार रात बिलासपुर में सपा प्रत्याशी आसिम राजा के समर्थन में जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि अवाम उनके ऊपर हुए जुल्मों को न भूले और जम्हूरी तरीके से हिसाब ले। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी को दलबदलू और अहसान फरामोश बताते हुए कहा कि उन्होंने उनके लिए क्या नहीं किया। 



हेलीकॉप्टर से टिकट मंगाया था, मगर उन्होंने फिर भी उनका अहसान नहीं माना। इसके बाद आजम खां ने इमरजेंसी के दौरान अपने जेल जाने की कहानी भी आवाम को बताई और लोगों को अपनी तरफ आकर्षित करने का प्रयास किया।
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बिना नाम लिए नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां पर निशाना साधते हुए कहा कि एक ही घर से पंजे को और कमल के फूल को वोट मांगे जाते हैं। जो अपने आप को नवाब कहते हैं वह केवल 3000 वोट पाते हैं। इससे ज्यादा वोट तो लोग नोटा को डाल देते हैं। उन्होंने कहा कि मुल्क, सूबे और आप की बेहतरी के लिए उन्होंने और उनके अपनों ने क्या क्या नहीं सहा। 
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जेल की कोठरी में 27 माह कैद रहे, सैकड़ों मुकदमे झेले। कहा कि उनके ऊपर किताब, फर्नीचर, मुर्गी, शराब की दुकान पर डकैती डालने तक के आरोप में मुकदमे दर्ज कराए गए। उन्होंने कहा कि जेल में ईडी ने उनसे तीन दिन तक पूछताछ की और ऐसे सवाल उनसे किए जिनके जवाब देते हुए उन्हें बेहद शर्म महसूस हुई। उन्होंने कहा कि वह अवाम की खातिर जेल में रहकर भी 24 घंटे में 22 घंटे काम किया करते थे, ताकि रामपुर में कोई गरीब न रह सके।
 
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