मुरादाबाद। देश की सबसे बड़ी ट्रक यूनियन कही जाने वाली नालागढ़ यूनियन ने मालभाड़ा घटाने का एलान किया है। वहीं स्थानीय ट्रांसपोर्टर ट्रकों के टायर, कूलेंट, लुब्रिकेंट आदि महंगे होने का हवाला देते हुए दाम कम करने से इनकार कर रहे हैं। ज्ञात हो कि अप्रैल माह में पेट्रोल-डीजल के दाम में उछाल आने पर ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन ने मालभाड़े में 20 फीसदी की वृद्धि की थी। लेकिन अब ट्रांसपोर्टर मालभाड़ा कम करने को तैयार नहीं हैं।
केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को पेट्रोल पर आठ और डीजल पर छह रुपये उत्पाद शुल्क कम किया था। इससे पेट्रोल के दाम 9.50 रुपये और डीजल के सात रुपये कम हुए हैं। स्थानीय व्यापारियों की मांग है कि अब मालभाड़ा कम होना चाहिए। ज्ञात हो कि अप्रैल माह में ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन ने मालभाड़े में वृद्धि की थी। इससे महाराष्ट्र से मुरादाबाद के बीच 15 टन माल वाले ट्रक के किराये पर आठ हजार रुपये तक अंतर आया था। इससे पहले जुलाई 2021 में भी कोरोना के कारण काम कम होने और डीजल मंहगा होने पर ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन ने मालभाड़ा 30 फीसदी बढ़ाया था। प्रति किलोग्राम, प्रति घनमीटर और ट्रक के लोड फैक्टर की दरों में बढ़ोतरी की गई थी। मुरादाबाद जनपद से ट्रकों के जरिये ज्यादातर माल दिल्ली, मुंबई, शाहजहांपुर, लखनऊ और दादरी जाता है। दिल्ली के लिए प्रति किलोग्राम चार रुपये, मुंबई के लिए नौ रुपये तक लिए जा रहे हैं। इसके अलावा लूज यानी फुटकर माल के भाड़े पर भी दिल्ली के लिए 500 रुपये और मुंबई के लिए 1000 रुपये तक की बढ़ोतरी अप्रैल से लागू हुई है। अब पेट्रोल-डीजल के दाम घटने पर दो से तीन दिन में मालभाड़ा कम न होने पर व्यापारी संघर्ष करने की चेतावनी दे रहे हैं।
नालागढ़ यूनियन ऐसे तय करती है मालभाड़ा
नालागढ़ ट्रक यूनियन और बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ (बीबीएन) औद्योगिक क्षेत्र के बीच एक एमओयू साइन हुआ है। इसके तहत यदि डीजल का दाम एक रुपये बढ़ता है तो ट्रांसपोर्टर्स यूनियन 35 पैसे भाड़ा बढ़ाती है। यदि डीजल का दाम एक रुपया कम होता है तो 35 पैसे भाड़ा घटता है। इस प्रकार यदि मुरादाबाद के ट्रांसपोर्टरों और व्यापारी संगठनों के बीच समन्वय हो जाए तो बार-बार ईंधन के दाम घटने-बढ़ने से दोनों को समस्या नहीं होगी।
वर्जन
मुरादाबाद मंडी में ज्यादातर फल और सब्जियां महाराष्ट्र से आती हैं। इसके अलावा मुरादाबाद मंडल से दिल्ली, शाहजहांपुर, लखनऊ तक माल भेजा जाता है। पेट्रोल-डीजल का दाम कम हुए तीन दिन बीत चुके हैं लेकिन अभी तक मालभाड़ा कम नहीं हुआ है। यदि अगले दो-तीन दिन में मालभाड़ा कम नहीं हुआ तो हम इसकी शिकायत प्रशासन से करेंगे।
- हाजी जिकरान, अध्यक्ष फल मंडी व्यापारी समिति
ईंधन का दाम बेशक कम हुआ है लेकिन टायर, कूलेंट, ग्रीस, लुब्रिकेंट समेत कई चीजें दिन प्रतिदिन महंगी हो रही हैं। इसके चलते मालभाड़ा कम करना संभव नहीं है। जिन पार्टियों का माल बहुत ज्यादा मात्रा में जाता है, सिर्फ उन्हें कुछ फीसदी रियायत दी जा सकती है।
- शरद चतुर्वेदी, अध्यक्ष ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन