यूरिया से कच्ची शराब बनाने वाले मुलजिम को अदालत ने दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को आजीवन कारावास के साथ ही उस पर 12 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
यूरिया से शराब बनाने का यह मामला भोजपुर थानाक्षेत्र क्षेत्र के शाहपुर गांव का है। भोजपुर थाने की पुलिस को दो फरवरी 2018 को सूचना मिली थी कि गांव निवासी मुंशीराम अपने घर में कच्ची शराब बना रहा है। थाने के तत्कालीन सब इंस्पेक्टर ओमवीर सिंह ने पुलिस टीम के साथ शाहपुर गांव में आरोपी मुंशीराम के घर में दबिश दी। यहां मुंशीराम कच्ची शराब बना रहा था। आरोपी के पास से बनी हुई बीस लीटर कच्ची शराब और भारी मात्रा में यूरिया भी बरामद हुआ था। रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया गया था। बरामद की गई शराब एवं अन्य सामग्री को विधि प्रयोगशाला जांच के लिए भेज दिया गया था। जहां से जांच रिपोर्ट में आया कि यह शराब जानलेवा हो सकती है।
उक्त मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रणजीत कुमार की अदालत में चली। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता नीलम वर्मा ने बताया कि आरोपी का कहना था कि उसे झूठा फंसाया गया है। जो बरामदगी पुलिस ने दर्शाई है वह गलत है। सरकार की ओर से पैरवी करते हुए नीलम वर्मा ने अदालत को बताया कि आरोपी जिस मकान में रहता है। उसी मकान में अवैध शराब बनाने का कार्य करता था, जिसे मौके से गिरफ्तार किया गया था। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आरोपी मुंशीराम को मिलावटी शराब बनाने और उसमें घातक तत्व मिलाने का दोषी पाते हुए उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 12 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।