फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

निर्यातक के पिता की हत्या में नौकर को उम्रकैद

विज्ञापन
विज्ञापन
मुरादाबाद। करीब पौने सात साले पहले एसएसपी दफ्तर के सामने घर के अंदर हुई निर्यातक के बुजुर्ग पिता विष्णु कुमार की हत्या के मामले में शुक्रवार को एडीजे-बारह की अदालत ने फैसला सुनाया। अदालत ने मुलजिम नौकर को हत्या में दोषी ठहराते हुए उम्रकैद और 45 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। नौकर ने निर्यातक के घर से साढ़े तीन लाख रुपये चोरी करने के बाद इस सनसनीखेज हत्याकांड को अकेले ही अंजाम दिया था। अदालत ने नौकर के एक अन्य सहयोगी को माल बरामदगी का दोषी मानते हुए चार साल की सजा सुनाई है।
विज्ञापन

दिल्ली रोड स्थित कुमार इंटरनेशनल निर्यात फर्म के मालिक शैलेंद्र अग्रवाल का आवास एसएसपी दफ्तर के सामने श्री राम विहार कालोनी में है। 17 फरवरी 2014 की रात शैलेंद्र अग्रवाल के पिता विष्णु कुमार अग्रवाल (75) की घर में ही पीट पीटकर हत्या कर दी गई थी। चाकू से उनका गला भी काटा गया था। घटना के समय निर्यातक, उनकी पत्नी, बेटे और अन्य लोग बाहर गए थे। घर में विष्णु कुमार और एक नौकर निर्मल गिरि निवासी भीतखेड़ा थाना मूंढापांडे ही मौजूद थे। देर रात करीब ढाई बजे नौकर ने शोर मचाया था कि रात में बदमाश आए और लूटपाट करने के बाद विष्णु कुमार अग्रवाल की हत्या कर फरार हो गए। पुलिस ने शक के घेरे में आए नौकर निर्मल से पूछताछ की। तब उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया था।
उसने पुलिस को बताया कि 17 फरवरी 2014 की शाम को उसने अलमारी से साढ़े तीन लाख रुपये निकाल कर अपने एक सहयोगी बुद्धसेन निवासी भीतखेड़ा थाना मूंढापांडे को दे दिए थे। इसके बाद रात में मौका पाकर उसने ही विष्णु कुमार की हत्या की थी। पुलिस ने बुद्धसेन के घर से रकम बरामद की थी। हत्याकांड का खुलासा करने के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया था। पुलिस ने इस केस की तफ्तीश पूरी करने के बाद आरोपियों के खिलाफ मजबूत चार्जशीट अदालत में दाखिल की। इस केस की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ज्ञानेंद्र सिंह यादव की अदालत में चली। जिसमें सरकार की ओर से एडीजीसी राजीव कौशिक ने पक्ष रखा और मुलजिमों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने को दलील लीं। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, तथ्य, गवाही और विवेचना के आधार पर मुलजिम निर्मल गिरि को हत्या में उम्रकैद और 45 हजार का जुर्माना और धारा 381 आईपीसी में सात साल और पांच हजार का जुर्माना लगाया है। जबकि सहयोगी मुलजिम बुद्धसेन को माल बरामदगी की धारा 411 का दोषी मानते हुए चार साल की सजा सुनाई है। वादी की ओर से अधिवक्ता शिव शंकर अग्रवाल ने पैरवी की। जबकि बचाव पक्ष से गोपाल शर्मा ने पक्ष रखा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें