ठाकुरद्वारा। अधिवक्ताओं ने बुधवार को प्रदेश सरकार के रजिस्ट्री विभाग को एक जुलाई से पूर्णरूप से ऑनलाइन करने और फ्रेंचाइजी मॉडल लागू करने के निर्णय का विरोध किया। अधिवक्ताओं ने जुलूस निकाला और प्रदर्शन कर डीएम को संबोधित ज्ञापन एसडीएम प्रीति सिंह को सौंपा।
ठाकुरद्वारा बार एसोसिएशन के अध्यक्ष आबिद अली और महासचिव सतीश कुमार वत्सल, सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राम अवतार शर्मा और महासचिव आकिब अली के नेतृत्व में अधिवक्ता विधि परामर्श परिसर से अलग-अलग समूह में जुलूस के रूप मे नारेबाजी करते हुए एसडीएम दफ्तर पर पहुंचे।
वहां उन्होंने प्रदेश सरकार के रजिस्ट्री विभाग के संबंध में लिए गए निर्णय का विरोध किया। उन्होंने कहा कि इसे लागू करने से अधिवक्ताओं एवं कातिबों के पारंपरिक रोजगार समाप्त हो जाएगा। हजारों लोग बेरोजगार हो जाएंगे। उनके परिवारों को भुखमरी जैसे संकट का सामना करना पड़ेगा।
अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि कॉर्पोरेट या चुनिंदा निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाने लिए यह कदम उठाया गया है। इससे जनता का आर्थिक शोषण होगा। जनता की विधिक सुरक्षा और गोपनीयता को भी खतरा होगा।
ज्ञापन में प्रस्तावित फ्रेंचाइजी मॉडल व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से वापस लेने, सुधारों को अधिवक्ताओं और पंजीकृत कातिवों के माध्यम से ही संचालित करने, अधिवक्ताओं की मांग को मुख्यमंत्री और निबंधन मंत्री को अवगत कराकर आदेश को निरस्त कराने की मांग की गई।
इस अवसर पर पूर्व अध्यक्ष नरेंद्र सिंह, चौधरी योगेंद्र सिंह, हीरालाल अग्रवाल और अशोक कुमार गहलोत, उमेश गुप्ता, रामवीर सिंह, सौरभ गहलोत, चौधरी रनबीर सिंह, सफदर अली खां, सलीम अहमद मोहम्मद कासिम व शाहिद अली आदि मौजूद रहे।