इस बीच बुधवार सुबह रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी आजम खां के घर पहुंचे। यहां पर उन्होंने आजम खां की पत्नी डॉ. तजीन फात्मा, बेटे स्वार सीट से विधायक अब्दुल्ला आजम से मुलाकात की। कुछ सपा नेताओं और आजम समर्थकों में अखिलेश यादव को लेकर चल रही नाराजगी के बीच जयंत चौधरी की इस मुलाकात ने आजम खां के सपा छोड़ने की अटकलों और कयासों को और हवा दे दी है, जिसके बाद चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
जयंत चौधरी की अब्दुल्ला आजम और डॉ. तजीन फात्मा से मुलाकात के बाद जब उनसे मुलाकात को लेकर बात की गई तो उन्होंने कहा कि काफी कुछ है जो आजम खां का परिवार सामना कर रहा है मेरी जिम्मेदारी थी कि जब में रामपुर आया था तो उनसे मिलूं। मुलाकात के दौरान परिजनों ने उम्मीद जताई है कि जल्द आजम खां को जमानत मिल जाएगी।
इस दौरान परिजनों से जेल में आजम खां किस प्रकार समय गुजार रहे हैं इसको लेकर जानकारी ली। कहा कि वो जेल में बंद रहने के दौरान कोरोना की चपेट में भी आए और काफी मुश्किल समय काट रहे हैं। जयंत चौधरी ने कहा कि आजम खां के साथ उनके पारिवारिक संबंध है। इसी नाते वो उनके परिजनों से मिलने आए थे, और पहले से ही संपर्क में रहते हैं।
आजम समर्थकों द्वारा जताए जा रहे विरोध को लेकर कहा कि उनकी जानकारी में नहीं है। कहा कि ये उनके दल का विषय है और वो उसी दल में हैं और जिम्मेदार भी हैं। मेरा कुछ भी कहना उचित नहीं होगा, मैं उस चर्चा में शामिल होने नहीं आया हूं।
आजम खां के रालोद के शामिल में होने के सवाल पर कहा कि हमारी ऐसी कोई मंशा नहीं है। हम गठबंधन का धर्म निभा रहे हैं और हमने गठबंधन में चुनाव लड़ा है। जब परिणाम अच्छे नहीं आते तो ये चीजे होती हैं और लोग सवाल करते हैं। आगे रास्ता सकारात्मक ही निकलेगा।
आजम खां से जेल में जाकर मिलने पर कहा कि वो लगातार संपर्क में रहेंगे। प्रदेश सरकार की बुलडोजर की कार्रवाई पर कहा कि कोई अपराधी है या नहीं ये कौन चिन्हित करेगा, योगी जी करेंगे? देश में संविधान, न्यायालय और नागरिक के अधिकार बचे हैं तो ऐसा कुछ नहीं होना चाहिए।