मुरादाबाद। कोरोना के माइल्ड और बिना लक्षणों वाले मरीजों के अलावा संक्रमण से बचाव के लिए आईवरमेक्टिन और डाक्सीसाइक्लीन दवाओं को प्रदेश सरकार ने अनुमति दे दी है। संक्रमित मरीजों और उनके परिवारजनों के अलावा नजदीकी संपर्क में आए लोगों को स्वास्थ्य विभाग दवाएं मुहैया कराएगा। स्वास्थ्य विभाग में एक लाख गोलियों का स्टाक है। जबकि बाजार में भी दवाएं पर्याप्त मात्रा में हैं। शुक्रवार को बाजार में मेडिकल स्टारों से लोगों ने दवाएं खरीदी। सीएमओ डा. एमसी गर्ग का कहना है कि चिकित्सको की सलाह पर ही दवा लें।
दवाओं के सेवन के लिए सरकार ने गाइड लाइन जारी कर दी है। संक्रमित, उसके संपर्क में आए लोगों और कोविड ड्यूटी करने वाले कर्मियों के लिए दवा की अलग-अलग खुराक है। मुरादाबाद में 310 बिना लक्षणों वाले मरीज होम आइसोलेट हैं। ऐसे मरीजों और उनके परिवार के लोगों को संक्रमण से बचाने के लिए दवाएं कारगार साबित हो सकती हैं। लेकिन दवा की सही डोज और परामर्श जरूरी है। सीएमओ डा. एमसी गर्ग का कहना है कि आईवरमेक्टिन की एक लाख गोलियां स्टाक में हैं। मरीजों और उनके परिवार के लोगों तक दवाएं पहुंचाई जाएंगी।
दवा के थोक विक्रेता जयंत रस्तोगी ने बताया कि आईवरमेक्टिन की एक गोली 37 रुपये और डाक्सीसाइक्लीन साढ़े पांच रुपये की गोली है। बाजार में दवाएं पर्याप्त हैं। शुक्रवार को कई फुटकर विक्रेताओं ने आर्डर बुक कराए हैं। जिला औषधि निरीक्षक नरेश मोहन दीपक ने बताया कि थोक डीलरों से इमरजेंसी स्टाक रिजर्व रखने के निर्देश दिए हैं।
आईवरमेटिक्टन दवा की खुराक
- पॉजिटिव मरीजों के संपर्क में आए लोग संक्रमण से बचाव के लिए पहले और सातवें दिन रात्रि भोजन के दो घंटे बाद खा सकेंगे। व्यस्क व्यक्ति के लिए 12 एमजी की खुराक है।
- कोविड ड्यूटी और संक्रमण की रोकथाम में लगे स्वास्थ्य कर्मियों को संक्रमण से बचाने के लिए पहले, सातवें और 30वें दिन में दवा दी जाएगी।
- बिना लक्षण या फिर माइल्ड लक्षण वाले मरीजों के लिए पहले तीन दिन तक रात्रि में भोजन के दो घंटे बाद लेनी होगी। व्यस्क मरीजों के लिए 12 एमजी की खुराक है। मरीजों को इसके अलावा डाक्सीसाइक्लीन दिन में दो बार पांच दिन तक लेनी होगी।
इनको नहीं खानी है दवा
- गर्भवती, धात्री और दो साल से कम उम्र के बच्चों को आईवरमेक्टिन नहीं दी जाएगी। डाक्सीसाइक्लीन भी गर्भवती, धात्री और 12 साल से कम उम्र के बच्चों को नहीं दी जाएगी।
- बिना लक्षणों और माइल्ड लक्षणों वाले मरीजों और उनके परिवार के लोगों को आईवरमेक्टिन और डाक्सीसाइक्लीन स्वास्थ्य विभाग की ओर से मुहैया कराई जाएगी। स्वास्थ्य विभाग के पास आईवरमेक्टिन की एक लाख गोलियों का स्टाक है। डाक्सीसाइक्लीन भी पर्याप्त मात्रा में है। कोई व्यक्ति बाजार से दवा खरीदकर खाना चाहता है तो प्रोटोकाल मानक या चिकित्सक की सलाह पर ले सकता है।
- डा. एमसी गर्ग, सीएमओ
- आईवरमेक्टिन परजीवी कीड़े मारने की दवा है। डाक्सीसाइक्लीन एंटीबायोटिक है। कोरोना मरीजों के इलाज और संक्रमण से बचाव के लिए सरकार ने दवा के इस्तेमाल की अनुमति दी है। बाजार में दवाओं का पर्याप्त मात्रा में स्टाक है। शुक्रवार को मेडिकल स्टोरों से लोगों ने दवा की खरीद की है। थोक डीलरों ने भी फुटकर दवा विक्रेताओं के आर्डर बुक किए हैं। डीलरों से इमरजेंसी के लिए स्टॉक रुकवाने के निर्देश दिए हैं।
- नरेश मोहन दीपक, जिला औषधि निरीक्षक