एंटी करप्शन की टीम ने पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते समय दरोगा को रंगे हाथ पकड़ लिया है। दरोगा ने ये रिश्वत मुकदमे में चार्जशीट लगाने के नाम पर वादी के पति से मांगी थी। पीड़ित ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन टीम से कर दी। शुक्रवार को शहर के एक पेट्रोल पंप के पास रुपये का लेनदेन हुआ। तभी एंटी करप्शन टीम ने दरोगा को गिरफ्तार कर लिया। टीम ने दरोगा और पीड़ित के हाथों के फिंगरप्रिंट लिए। एंटी करप्शन के इंस्पेक्टर ने डिडौली कोतवाली में दरोगा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। वहीं एसपी ने आरोपी दरोगा को निलंबित कर दिया है।
रजबपुर थाना क्षेत्र के गांव निवासी एक महिला के साथ दुष्कर्म का मामला न्यायालय में विचाराधीन है। दस जून को वह तारीख पर न्यायालय गई थी। आरोप था कि यहां चार लोगों ने उसके साथ मारपीट की। गाली-गलौच कर जान से मारने की धमकी दी। इस मामले में 11 जून को पीड़िता ने देहात थाना में मुकदमा दर्ज कराया था। इस मुकदमे की विवेचना कचहरी चौकी में तैनात दरोगा नन्हे बाबू कर रहे थे।
पीड़िता के पति के मुताबिक दरोगा का कहना था कि मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट लगाने के बदलने आरोपी उन्हें 15 हजार रुपये दे रहे हैं। अगर तुम्हें मुकदमे में चार्जशीट लगवानी है तो पांच हजार रुपये दे दो। अन्यथा वह मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट लगा देंगे। गुरुवार को पीड़िता के पति ने दरोगा की शिकायत एंटी करप्शन से कर दी। जिसमें इन आरोपों का हवाला दिया। शिकायत के बाद एंटी करप्शन की टीम सक्रिय हो गई।
शुक्रवार दोपहर करीब पौने 12 बजे नगर के आजाद रोड स्थित एक पेट्रोल पंप के सामने पीड़ित ने दरोगा को 5000 रुपये की रिश्वत दी। इससे पहले यहां एंटी करप्शन टीम ने अपनी घेराबंदी कर ली थी। दरोगा ने अभी रिश्वत के रुपये जेब में रखे ही थे। तभी उसे एंटी करप्शन की टीम उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। दरोगा ने खुद को बचाने की खूब जद्दोजहद की, लेकिन टीम उसे गिरफ्तार कर डिडौली कोतवाली ले आई।
डिडौली इंस्पेक्टर शरद मलिक ने बताया कि एंटी करप्शन मुरादाबाद की टीम दरोगा नन्हे बाबू को गिरफ्तार कर कोतवाली लाई थी। दरोगा पर पांच हजार रुपये रिश्वत लेने का आरोप है। एंटी करप्शन मुरादाबाद के इंस्पेक्टर अब्दुल रज्जाक की तहरीर पर दरोगा के खिलाफ धारा सात भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है। शनिवार को दरोगा को बरेली कोर्ट में पेश किया जाएगा।
एसपी अमरोहा, डॉ विपिन ताडा ने बताया कि किसी मुकदमे के मामले में दरोगा पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार हुआ है। एंटी करप्शन टीम ने डिडौली कोतवाली में दरोगा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। दरोगा को निलंबित कर दिया गया है। प्रकरण से संबंधित जांच एंटी करप्शन करेंगी।
डेढ़ महीने पहले सिपाही से बना था दरोगा
पांच हजार रुपये की रिश्वत के साथ एंटी करप्शन मुरादाबाद की टीम ने पकड़े दरोगा नन्हें बाबू मूलरूप से बरेली के मोहल्ला गणेशपुर का निवासी है। वह 1980 बैच में बतौर सिपाही यूपी पुलिस में भर्ती हुआ था। डेढ़ महीने पहले ही उनका प्रमोशन हुआ और वह दरोगा बन गया था। फिलहाल एसपी ने उन्हें देहात थाना क्षेत्र के अंतर्गत कचहरी चौकी पर तैनात किया था। देहात थानाध्यक्ष अरिहंत कुमार ने बताया कि नन्हे बाबू सीधे स्वभाव का है। आठ महीने बाद उनका रिटायरमेंट है। इससे पहले कभी उनकी ऐसी शिकायत नहीं मिली। मुमकिन है उनके खिलाफ कोई साजिश रची गई हो। जांच के बाद ही कुछ साफ हो सकेगा।
जबकि आरोपी दरोगा, नन्हे बाबू का कहना है कि आरोप गलत हैं। मैं 323, 506, 504 धारा के मुकदमे की विवेचना कर रहा था। जिसने मुझे पकड़वाया है वह इस मुकदमे में छेड़खानी की धारा बढ़वाना चाहता था। घटना कचहरी के अंदर की थी, जबकि इसने कचहरी चौराहा की दिखाई है। छेड़खानी की धारा बढ़ाने के लिए वह बार-बार रुपयों की पेशकश करता था। घटना झूठी थी, लिहाजा वह मुकदमे में एफआर लगा रहे थे। आज युवक ने बात करने के लिए मुझे बुलाया था। जहां उसने जबरन जेब में पैसे रख दिए। मैं उसके पैसे वापस कर रहा था। इसी बीच एंटी करप्शन की टीम ने पकड़ लिया। मुझे साजिश के तहत फंसाया गया है।