खुद्दामे गुलामाने ताजदारे मदीना कमेटी की जानिब से जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी पर शनिवार को जीआईसी चौराहे पर इस्तकबालिया जलसे का आयोजन किया गया। जलसे में अकीदतमंदों ने दरूद ओ सलाम का नजराना पेश किया। वहीं उलमा ने रसूल की सुन्नतों पर अमल करने की नसीहत दी। साथ ही भाईचारा कायम करने को इंसानियत का पैगाम भी दिया।
जलसे की सदारत करते हुए शहर इमाम सैयद मासूम अली आजाद ने कहा कि अल्लाह के नबी की सुन्नतों पर अमल करना, आप से सच्ची मोहब्बत का सबूत होगा। नबी-ए-करीम की सीरत पर अमल करने से मुसलमानों को दोनों जहान में कामयाबी मिलेगी। जलसे की सरपरस्ती करते हुए मुफ्ती मो. अयूब खां नईमी ने कहा कि इस्लाम अमन का मजहब है।
इसमें दहशतर्दी की कोई जगह नहीं है। पूर्व मेयर डा. एसटी हसन ने कहा कि दुनिया में इस्लाम तलवार से नहीं इंसानियत के पैगाम से फैला है। वहीं अकीदतमंदाें ने पैगंबर-ए-इस्लाम की शान में नातिया कलाम पेश किया। जिसे सुनकर लोग झूम उठे।
इस दौरान डीएम राकेश कुमार, एसएसपी डा. प्रीतिंदर सिंह, देहात विधायक हाजी इकराम कुरैशी, मुफ्ती अब्दुल मन्नान कलीमी, मौलाना मो. अहमद अकरमी, मुफ्ती दानिश-उल-कादिरी, नदीम अहमद खां, नदीम अहमद खां, सलीम वारसी, असद कमाल, डा. शाहाबउद्दीन, मो. अरशद, असलम पंचायती, मंजू खां, अमीर खां, मो. नदीम आदि मौजूद रहे।