दिसंबर की दस्तक के साथ नववर्ष और क्रिसमस के त्योहार की आहट हो गई है। बाजारों में भी इसके लिए तरह-तरह से तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। उपहारों के लिए सूची बनाई जा रही हैं। दुकानदार युवाओं को रिझाने के लिए नए-नए बदलाव कर रहे हैं, लेकिन इस बदलाव में ग्रीटिंग कार्ड का क्र्रेज अब कम हो गया है।
पहले ग्रीटिंग कार्ड की शुभकामनाओं से गुलजार रहने वाली दुकानों में सिर्फ खास लोगों के लिए ही ग्रीटिंग मंगवाए जाते हैं। दुकानदारों का कहना है कि सस्ते के बजाय अब महंगे ग्रीटिंग की मांग है।
कुछ वर्ष पहले तक नववर्ष और क्रिसमस से ज्यादा उस समय मिलने वाले ग्रीटिंग कार्ड के लिए बेकरारी रहती थी। दिसंबर की शुरुआत से से ही दुकानें ग्रीटिंग कार्ड से पटी नजर आती थीं और दिनभर ग्राहकों की भीड़ लगी रहती थी। अब यह गुजरे जमाने की बात होते जा रहे हैं। इनकी जगह ई-मेल, एसएमएस, वॉट्सएप, फेसबुक व अन्य सोशल साइट्स ने ले ली है। ई-ग्रीटिंग के दौर में रंग-बिरंगे कागज में सजी शुभकामनाओं को पढ़कर चेहरे पर आने वाली खुशियां गायब हो गई हैं।
नहीं खरीदते सस्ते कार्ड
दुकानदार विरंची शर्मा ने बताया कि क्रिसमस और नववर्ष के लिए सस्ते ग्रीटिंग कार्ड नहीं खरीदते हैं। लोग अपने परिचित, रिश्तेदार या फिर अन्य लोगों के लिए ग्रीटिंग नहीं खरीदते हैं। अब नए रिश्ते की शुरुआत करने वाले कपल, अधिकारी को प्रभावित करने के लिए या फिर बैंक अधिकारी अपने खास ग्राहकों को लुभाने के लिए ग्रीटिंग खरीदते हैं।
इसमें पैसों का महत्व नहीं रह जाता है। बदलाव के दौर में ग्रीटिंग की कीमत 50 रुपये से शुरू होकर तीन सौ रुपये तक है, जबकि वेलेंटाइन डे पर साढ़े चार हजार रुपये तक का ग्रीटिंग आया था।
आती हैं कई वैरायटी
खास लोगों को विशेष महसूस कराने के लिए कई तरह के डिजाइन में ग्रीटिंग कार्ड आ रहे हैं। क्रिसमस पर सांता क्लॉज का ग्रीटिंग, बुक ग्रीटिंग, परफ्यूम ग्रीटिंग और म्यूजिकल ग्रीटिंग की सबसे ज्यादा मांग रहती है।