मुरादाबाद। मंडल के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल की रेडियोलॉजी सेवाएं बढ़ते मरीजों के दबाव से जूझ रही हैं। जिला अस्पताल में पहले से ही एक्सरे, अल्ट्रासाउंड और सीटी स्कैन के लिए मरीजों की लंबी कतार लग रही थी, लेकिन अब संभल और अमरोहा से भी बड़ी संख्या में मरीज जांच कराने पहुंच रहे हैं। मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण रोजाना करीब 40 मरीजों को जांच के लिए अगली तारीख देकर लौटाना पड़ रहा है। इसका असर इलाज की रफ्तार पर भी पड़ रहा है।
जिला अस्पताल में पूरे रेडियोलॉजी विभाग की जिम्मेदारी अकेले रेडियोलॉजिस्ट डॉ. निर्मल ओझा के कंधों पर है। अस्पताल में प्रतिदिन औसतन 150 एक्सरे, 50 अल्ट्रासाउंड और 10 सीटी स्कैन किए जाते हैं। इतनी जांचों के बावजूद रोज दर्जनों मरीजों का नंबर नहीं आ पाता। कई मरीजों को एक से तीन दिन बाद तक की तारीख दी जा रही है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार संभल और अमरोहा के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों के लंबी छुट्टी पर होने के कारण वहां से मरीज जांच के लिए मुरादाबाद रेफर होकर आ रहे हैं। इससे पहले से दबाव झेल रही व्यवस्था पर अतिरिक्त बोझ पड़ गया है।
सबसे अधिक परेशानी गंभीर मरीजों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को हो रही है। डॉक्टर के पर्चे पर तत्काल जांच लिखे होने के बावजूद उन्हें कई घंटे इंतजार करना पड़ रहा है। जिनका नंबर नहीं आ पाता, उन्हें नई तारीख लेकर दोबारा अस्पताल आना पड़ता है। इससे मरीजों का समय और खर्च दोनों बढ़ रहे हैं। स्थिति को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने संभल और अमरोहा से एक्सरे व अल्ट्रासाउंड फिल्में मंगाई हैं, जिससे यहां स्टॉक कम न हो। साथ ही महिला अस्पताल से एक रेडियोलॉजिस्ट की सेवाएं लेने पर भी विचार किया जा रहा है।
मरीजों के कोट्स
सुबह सात बजे अस्पताल पहुंच गया था, लेकिन अल्ट्रासाउंड का नंबर नहीं आया। डॉक्टर ने जल्दी जांच कराने को कहा था, फिर भी दो दिन बाद की तारीख मिली। इलाज रिपोर्ट पर ही शुरू होगा, इसलिए इंतजार और परेशानी दोनों बढ़ गए हैं।
- रामवीर, संभल
अमरोहा से हमें से यहां भेजा गया है। कई घंटे लाइन में खड़े रहने के बाद पता चला कि आज जांच नहीं हो पाएगी। छोटे बच्चे को लेकर बार-बार आना मुश्किल है। अस्पताल में डॉक्टर बढ़ाए जाएं तो मरीजों को राहत मिलेगी।
- प्रकाशवती, अमरोहा
पहले भी भीड़ रहती थी, लेकिन अब बाहर के जिलों से मरीज आने लगे हैं। सुबह से दोपहर तक इंतजार किया, फिर भी नंबर नहीं आया। इलाज में देरी होने का डर बना रहता है।
- ओमपाल, मुरादाबाद
डॉक्टर ने उसी दिन जांच कराने को कहा था, लेकिन अगली तारीख दे दी गई। रिपोर्ट देर से मिलेगी तो दवा भी देर से शुरू होगी। अस्पताल में कम से कम एक और डॉक्टर की जरूरत है।
- सुनीता देवी, संभल
वर्जन
संभल और अमरोहा से रेडियोलॉजी फिल्में मांगी गई हैं। अस्पताल पर दबाव बढ़ा है लेकिन हमारी कोशिश है कि किसी भी ऐसे मरीज को अगले दिन के लिए न छोड़ा जाए, जिसे आज ही जांच की जरूरत हो। महिलाओं और बुजुर्गों का ख्याल रखा जा रहा है।
- डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय, एसआईसी