जिला अस्पताल में पार्किंग के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता है। लेकिन पिछले कुछ दिनों से जिला अस्पताल में पार्किंग के नाप पर अवैध वसूली की जा रही है। वसूली करने वाले खुले आम अस्पताल में पार्किंग के नाम वसूली कर रहे हैं लेकिन अस्पताल प्रशासन की ओर से कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है।
सरकार की मंशा के अनुसार अस्पताल में मरीज का एक रुपये के पर्चे के अलावा कोई खर्च न हो इसके लिए पार्किंग समेत सभी सुविधाएं मुफ्त रखी गई हैं। पांच से छह महीने पहले एक व्यक्ति यहां पार्किंग के लिए लोगों से पैसे वसूलता था। यह सिलसिला लंबे समय से चला आ रहा था। इसमें अस्पताल प्रशासन की सहमति भी थी।
लेकिन पांच छह महीने पहले ही नए आदेशों के बाद उस व्यक्ति को इस कार्य से मुक्ति कर दिया गया। इसके बाद से अस्पताल में पार्किंग के लिए बोर्ड और स्टाफ पार्किंग और सामान्य लोगों के लिए पार्किंग के स्थान बनाए गए हैं। पार्किंग की व्यवस्था जिला अस्पताल को ही करनी है। लेकिन जिला अस्पताल खुद स्टाफ की कमी से जूझ रहा है।
ऐसे में इसका फायदा उठाते हुए यहां कुछ लोगोें ने अवैध वसूली शुरू कर दी है। वसूली करने में तीन से चार लोग लगे हैं। ये लोेग गाड़ी में चाक से नंबर दिख वाहन वाले को एक टोकन दे रहे हैं। टोकन के साथ ही दस रुपये वसूल रहे हैं। लोग भी जानकारी के अभाव में पार्किंग का पैसा दे देते हैं। जबकि अस्पताल में पार्किंग के लिए टेंडर या ठेका का कोई प्राविधान नहीं है। पार्किंग की सुविधा मुफ्त है।
मैं विभागीय कार्य से शहर से बाहर थी। पार्किंग के नाम पर वसूली का मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। अगर ऐसा कोई कर रहा है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाएगी। अस्पताल में पार्किंग की मुफ्त व्यवस्था है। अगर कोई पैसा ले रहा है तो यह अपराध है। शीघ्र मामले की जांच की जाएगी।
--- डा. ज्योत्सना पंत, सीएमएस