इस बार कांवड़ यात्रा ने अफसरों की टेंशन बढ़ा दी है। बुधवार को आईजी बीएस मीना मुरादाबाद पहुंचे और उन्होंने अधीनस्थों से मीटिंग की। करीब दो घंटे तक उन्होंने कांवड़ यात्रा को लेकर वार्ता की। एक एक प्वाइंट पर उन्होंने विस्तार से समझाया। इसके अलावा उन्होंने अधीनस्थों को सचेत किया है कि इस बार कांवड़ यात्रा को हल्के में न लें। खुफिया विभाग की रिपोर्ट में यात्रा में कुछ बवाल की आशंका जताई है। सभी अफसर अपनी अपनी जिम्मेदारी समझें।
थानाध्यक्ष और सीओ अपने अपने क्षेत्रों में कांवड़ रूट और छोटे मोटे विवादों को समय रहते निपटानें। इसके अलावा उन्होंने मेयर उपचुनाव और आने वाले विधान सभा चुनाव को लेकर भी चर्चा की।
कांवड़ यात्रा शुरू होने वाली है। वेस्ट यूपी के मुरादाबाद, बिजनौर, सहारनपुर, मेरठ, अमरोहा, रामपुर समेत कई जिलों में बड़ी संख्या में कांवड़िये कांवड़ लेकर गुजरते हैं। कई साल पहले मुरादाबाद में कांवड़ यात्रा के दौरान दो पक्षों के बीच भड़की हिंसा की चिंगारी से पूरे शहर झुलस गया था। शहर के छह थानों में कई दिन तक कर्फ्यू रहा था। जबकि 30 जून को देहरादून में हुई पांच प्रदेशों के पुलिस अधिकारी, आईबी के अफसरों के बीच बैठक में इस बार कांवड़ यात्रा में बवाल की आशंका जताई गई थी।
रिपोर्ट मिलने के बाद ही डीजीपी जावीद अहमद और प्रमुख सचिव गृह देवाशीष पांडा ने मुरादाबाद और मेरठ का दौरा किया था। इसके अलावा कुछ रोज पहले ही मेरठ में भी कांवड़ यात्रा को लेकर उच्च अफसरों की मीटिंग है। अब आईजी वीएस मीना ने जोन के जनपदों में दौरे शुरू कर दिए हैं। बुधवार को आईजी मुरादाबाद पहुंचे। उन्होंने यहां अधीनस्थों संग करीब दो घंटे की लंबी मीटिंग की। कांवड़ यात्रा को लेकर उन्होंने अफसरों सचेत किया है कि इस बार कांवड़ यात्रा को हल्के में न लें।
इसके अलावा उन्होंने मेयर उप चुनाव को लेकर भी अधीनस्थों से कहा कि चुनाव में किसी तरह की लापरवाही सामने नहीं आनी चाहिए। इस दौरान डीआईजी ओंकार सिंह, एसएसपी नितिन तिवारी, एसपी सिटी राम सुरेश यादव, एएसपी डा. यशवीर सिंह समेत सभी सीओ और थानाध्यक्ष मौजूद रहे।