समाजवादी पार्टी ने महापौर उप चुनाव में कैसर अली कुद्दूसी को टिकट देकर चुनाव मैदान में उतारा है। मेयर के लिए हुए आम चुनाव में भी वह चुनाव लड़े थे लेकिन उस वक्त उन्हें बुरी तरह शिकस्त का सामना करना पड़ा था। हालांकि तब कैसर के पास पार्टी का सिंबल नहीं था। अलबत्ता कैसर का रास्ता इस बार भी आसान नहीं होगा क्योंकि सपा के चार अन्य नेता भी नामांकन पत्र खरीदकर बगावत के इरादे जाहिर कर चुके हैं।
महापौर बीना अग्रवाल के आकस्मिक निधन से रिक्त हुई सीट पर हो रहे उपचुनाव में सपा पहले उम्मीदवार उतारने के मूड में नहीं थी। लेकिन जैसे - जैसे स्थानीय नेताओं का दबाव बढ़ता गया, पार्टी को इस पर फैसला लेना पड़ा। महानगर अध्यक्ष राजकुमार प्रजापति अपनी पत्नी शालू प्रजापति को चुनाव लड़ाने पर अड़े थे तो तीन पूर्व महानगर अध्यक्षों शुएब पाशा, कैसर अली कुद्दूसी, विनोद गुंबर ने भी दावा ठोंक रखा था। सपा नेता जावेद अंसारी अपनी पत्नी नसरीन जावेद को चुनाव लड़ाना चाहते हैं तो सुनील कत्याल और मारूफ भी टिकट मांग रहे थे।
इनमें से चार नेताओं शालू प्रजापति, विनोद गुंबर, कैसर अली कुद्दूसी और शुएब पाशा के नामों का पैनल पार्टी नेतृत्व को सौंपा गया था। हाईकमान ने कैसर अली कुद्दूसी के नाम पर मोहर लगा दी है। लेकिन दूसरी ओर पार्टी के अन्य नेताओं ने भी नामांकन पत्र खरीदकर बगावत की ओर कदम बढ़ा दिए हैं। खुद सपा के महानगर अध्यक्ष राजकुमार प्रजापति की पत्नी शालू प्रजापति ने बुधवार को मेयर उपचुनाव के लिए पर्चा खरीद लिया है।
सपा नेता जावेद अंसारी ने बुधवार को अपने और अपनी पत्नी नसरीन जावेद के नाम से दो नामांकन पत्र खरीदे हैं। सपा नेता मोहम्मद मारूफ भी पर्चा खरीद लाए हैं। सपा के दो पूर्व महानगर अध्यक्ष विनोद गुंबर और शुएब हसन खां मंगलवार को ही पर्चे खरीद चुके हैं।
सपा नेताओं के अलावा बुधवार को संगीता पत्नी राजकुमार निवासी सराय खालसा, धर्मेंद्र मुल्तानी निवासी दौलतबाग, निशांत कुमार भारद्वाज निवासी चाऊ की बस्ती और रवींद्र कुमार निवासी बुद्धि विहार ने भी नामांकन पत्र खरीदे हैं।