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हाथ कांप रहे हैं तो रिटायरमेंट ले लीजिए

Tue, 16 Aug 2016 11:10 AM IST
मोहम्मद सलाम खां/अमर उजाला/मुरादाबाद
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स्वास्थ्य सेवाएं - फोटो : demo
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कहने के लिए महिला अस्पताल में चार डाक्टर तैनात हैं, जिन्होंने लेप्रोलाइजेशन की ट्रेनिंग ले रखी है। प्रसव के दौरान नसबंदी भी करतीं हैं। लेकिन कैंप में नसबंदी करने में उनके हाथ कांपने लगते हैं। किसी की कोहनी नहीं मुड़ती है तो किसी की कलाई। अनुभव की कमी भी बताती हैं।
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नसबंदी नहीं करने के इस बहाने पर डीजी हेल्थ ने सख्त रुख अख्तियार किया है। साफ कहा है कि अगर नसबंदी करने में अगर हाथ कांप रहे हैं तो स्वैच्छिक सेवानिवृत्त ले लें। अन्यथा उनके खिलाफ उच्च प्रशासनिक कार्यवाही की जाएगी।

महिला अस्पताल में तैनात डा. सुनीता पांडे, डा. मधु अग्रवाल, डा. सुजाता गौतम और डा. निर्मला पाठक को आठ दिन की लेप्रोलाइजेशन ट्रेनिंग दी गई है। इसका मकसद है कि परिवार कल्याण के तहत लगने वाले कैंपों में नसबंदी कर बढ़ती जनसंख्या पर लगाम लगाई जा सके, लेकिन चारों डाक्टर कैंप में नसबंदी के केस करने में दिलचस्पी नहीं दिखा रही हैं। डीजी हेल्थ इन डाक्टरों की रिपोर्ट मांगी थी। नसबंदी कम होने पर इनसे स्पष्टीकरण मांगा गया था।
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जवाब में चारों डाक्टरों ने खुद को फिजिकली अनफिट बताया। जिसपर डीजी हेल्थ ने एडी हेल्थ को पत्र जारी कर कहा है कि इनसे काम लिया जाए या फिर इन्हें स्वैच्छिक सेवानिवृत्त दे दी जाए. एडी हेल्थ डा. ज्ञान सिंह ने इस पत्र से सीएमएस को अवगत करा दिया है। डिप्टी सीएमओ डा. रंजन गौतम ने बताया कि नसबंदी कैंप में चारों डाक्टरों की सक्रियता कम रहती है। इसके बारे में रिपोर्ट भेजी गई थी।
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