फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Moradabad News: मैंने तो जिंदगी की उम्मीद ही छोड़ दी थी, भीड़ ने मेरे पैर में घोंप दिया था सूजा

विज्ञापन
विज्ञापन
मुरादाबाद। जिस तरह भीड़ ने हमला किया था मैं तो जिंदगी की उम्मीद ही छोड़ चुका था। भीड़ में मौजूद एक हमलावर ने मेरे पैर में सूजा घोंप दिया था। इससे खून ऐसे बह रहा था जैसे गोली लगी है। सिर को छोड़ कर शरीर पर जगह जगह पत्थर और ईंटें लगे थे। बस किसी तरह जिंदगी बच गई थी। यह कहना है मैनाठेर बवाल में भीड़ के हमले में घायल हुए तत्कालीन डीआईजी अशोक कुमार सिंह के पीआरओ रहे रवि कुमार का। इस दुस्साहसिक वारदात के वह मुख्य चश्मदीद हैं और केस के वादी भी।
विज्ञापन

वर्तमान में बरेली एसएसपी कार्यालय में तैनात इंस्पेक्टर रवि कुमार ने बताया कि 2011 में वह मुरादाबाद में तैनात थे और एसएसपी/ डीआईजी के पीआरओ थे। छह जुलाई 2011 को मैनाठेर बवाल की सूचना मिलने पर डीआईजी डीएम की गाड़ी में बैठकर घटनास्थल की ओर जा रहे थे। मैं डीआईजी की गाड़ी में ड्राइविंग सीट के बराबर वाली सीट पर बैठा था। डींगरपुर पेट्रोल पंप के पास भीड़ को देखकर डीआईजी अपनी गाड़ी से उतर गए थे और उन्हें समझाने लगे थे। इसी दौरान 500 से ज्यादा लोगों ने उन्हें घेर लिया था। मैं तुरंत गाड़ी से निकल कर डीआईजी के पीछे खड़ा हो गया था इतनी ही देर में भीड़ ने हमला कर दिया। किसी तरह डीआईजी पेट्रोल पंप की ओर भागे लेकिन भीड़ पीछा करते हुए वहां भी पहुंच गई। मेरे ऊपर भी पत्थर फेंके गए। सिर बच गया था लेकिन एक हमलावर ने मेरे पैर में सूजा घोंप दिया था। डीआईजी पेट्रोल पंप के अंदर कमरे में और मैं बाहर घायल अवस्था में पड़ा था। मैंने पुलिस को कॉल की। करीब दो घंटे बाद पुलिस पहुंची और हम दोनों को अस्पताल भिजवाया गया था। इस मामले में 25 नामजद और तीन सौ अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें