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भैंस न मिलने पर पत्नी की हत्या करने वाले पति को दस साल की कैद

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दहेज में भैंस की मांग पूरी न होने पर पत्नी की हत्या करने के आरोपी पति को अदालत ने दोषी करार देते हुए दस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर आठ हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
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संभल जनपद के असमोली निवासी संतोष ने 14 सितंबर 2016 को दहेज हत्या का केस दर्ज कराया था। जिसमें संतोष ने बताया था कि उसकी बहन नेहा की शादी पांच साल पहले असमोली थानाक्षेत्र के मीरपुर साकिपुर निवासी धर्मेंद्र उर्फ राजेंद्र के साथ हुई थी। आरोप है कि शादी के बाद नेहा के ससुराल वाले दहेज में एक लाख रुपये और एक भैंस की मांग करने लगे थे। मांग पूरी न होने की वजह से नेहा को परेशान किया गया और उसकी पिटाई की। 13 सितंबर 2016 को किसी व्यक्ति ने संतोष को फोन किया और बताया कि तुम्हारी बहन नेहा को उसके ससुराल वालों ने किसी धारदार हथियार से हमला कर मौत के घाट उतार दिया है। जिसकी लाश घर में पड़ी है। सूचना मिलने पर मायके वाले घटनास्थल पर पहुंच गए थे और उन्होंने सूचना देकर पुलिस बुला ली थी। मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस ने आरोपी पति को जेल भेज दिया था।
इस मुकदमे की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या प्रथम योगेंद्र चौहान की अदालत में की गई। सरकार की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अशोक यादव ने दलीलें दीं। जिसमें उन्होंने बताया कि महिला की लाश के पास ही टूटी हुईं चूड़ियां पड़ी थीं। आरोपी की निशानदेही पर धारदार हथियार बरामद किया गया था। आरोपी ने ही दहेज में भैंस न मिलने के कारण अपनी पत्नी की हत्या की थी। बचाव पक्ष की ओर से दलीलें दी गई कि उसे झूठा फंसाया गया है। उसके द्वारा किसी घटना को अंजाम नहीं दिया गया।
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अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी धर्मेंद्र उर्फ राजेंद्र को दहेज हत्या में दोषी मानते हुए दस साल की कैद और आठ हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
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