चढ़ते पारा के बीच संक्रामक बीमारियों की सुगबुगाहट हो गई है। कांठ सहित अन्य ग्रामीण इलाकों में मामले भी सामने आ चुके हैं। लेकिन स्वास्थ्य विभाग बेखबर बना है। न तो डाक्टरों की टीम बनाई जा सकी है और न ही कंट्रोल रूम की हालात सुधर सके हैं। लापरवाही का आलम ये है कि संक्रामक बीमारियों के इस सिजन में कंट्रोल रूम पर ताला लगा हुआ है। फोन भी खराब पड़ा है। कब से, ये खुद विभाग का पता नहीं है।
अभी तक किसी की जिम्मेदारी भी तय नहीं हो सकी है। जबकि बदले मौसम में संक्रामक बीमारियों ने पांव पसारना शुरू कर दिया है। जिला अस्पताल में रोजाना डायरिया और चिकनपाक्स के मरीज पहुंच रहे हैं। सीएमओ डा. संजीव यादव ने बताया कि जल्द कंट्रोल रूम की व्यवस्थाएं दुरुस्त कर दी जाएगी। टीम गठित कर जिम्मेदारी भी तय कर दी जाएगी।
जिला अस्पताल में छूट गया सीएमओ का कंट्रोल रूम
मुरादाबाद। सीएमओ कार्यालय अपने भवन में शिफ्ट हो गया है, लेकिन सीएमओ का कंट्रोल रूम जिला अस्पताल में ही छूट गया। जिला अस्पताल में पुराने सीएमओ कार्यालय के कमरा नंबर सात में जिला संक्रामक रोग नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। कंट्रोल रूम के बाहर बड़े-बड़े शब्दों में लिखा है कि यहां स्वास्थ्य सेवाएं चौबीस घंटे उपलब्ध हैं। साथ ही सूचना देने के लिए फोन नंबर भी लिखा गया है। लेकिन न तो कंट्रोल रूम चौबीस घंटे खुलते हैं और न ही फोन ही संचालित है। इस महत्वपूर्ण यूनिट के लिए नय भवन में जगह नहीं मिल पाई।
प्रभावित गांवाें का नहीं लिया गया फीडबैक
मुरादाबाद। दो साल पहले गांव उमरी कला और कुंदरकी के कमालपुर फतेहाबाद में संक्रामक रोग फैला था। बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए थे। संक्रामक रोगों का सीजन शुरू होने से पहले स्वास्थ्य विभाग की टीम को इन गांवों का दौरा करना चाहिए। ताकि वहां की स्थिति का फीडबैक लिया जा सके। लेकिन अब तक कंट्रोल की टीम इन गांवों में नहीं पहुंच सकी है।
कांठ के कई गांव में खसरा का प्रकोप
मुरादाबाद। पिछले दिनों कांठ तहसील में खादर क्षेत्र के हीरापुर, बेगमपुर, शेरपुर, रूस्तमपुर, सरायखजूर आदि कई गांवों में खसरा और चेचक का प्रकोप है। एक-एक गांव में कई कई लोग बीमारी की चपेट में हैं। मरीजों की संख्या लगातार बढ़ने की सूचना पर स्वास्थ्य महकमे के हाथपांव फूल गए। वही छजलैट के सरायखजूर और कांठ के उमरी कलां में खसरा के रोगी मिले हैं।