आंधी-तूफान इन दिनों लगातार आ रहा है, ऐसे में नीचे से गले हुए बिजली पोल और होर्डिंग-यूनीपोल हर जगह आफत बनकर खड़े हैं। जरा सा हवा का झोंका आए और पता नहीं कब किसके ऊपर गिरकर उसकी जान ले लें। लेकिन बिजली विभाग और नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारी इस ओर से आंख बंद किए बैठे हैं। बिजली के गले हुए पोलों की जानकारी करने जब अमर उजाला टीम महानगर में निकली तो एक नहीं तमाम स्थानों पर जड़ से गले हुए बिजली के पोल खड़े दिखाई दिए।
इन पोलों को तारों का खिंचाव रोके हुआ है। जड़ से तो यह टूटकर अलग हो चुके हैं। चंद्रनगर, लोकोशेड कालोनी, ताड़ी खाना, दौलतबाग, नबावपुरा, असालतपुरा, मुगलपुरा, गलशहीद, गुलाबबाड़ी, करूला के अलावा चिड़ियापुर, प्रकाशनगर इलाके में बिजली के गले हुए पोल आफत की तरह खड़े हुए हैं। कुछ स्थानों पर बिजली विभाग ने पोलों को लोहे के एंगल वेल्डिंग कराके इन्हें रोकने की कोशिश भी की है, लेकिन यह एंगल भी गल चुके हैं।
अब स्थिति यह है कि गले हुए पोल ऊपर खिंचे तारों के सहारे खड़े रह गए हैं। लेकिन बिजली विभाग के अधिकारियों को यह दिखाई नहीं दे रहे हैं। शायद उन्हें किसी हादसे का इंतजार है, इसके बाद ही गले हुए पोलों को ठीक किया जाएगा। महानगर में नगर निगम कई बार अभियान चलाकर यूनीपोल और होर्डिंग नहीं हटवा सका है। तमाम ऐसे होर्डिंग लगे हुए हैं जिनके पाइप और एंगल गल चुके हैं। घरों के ऊपर भी लोहे के एंगल लगाकर होर्डिंग खड़े कर दिए गए हैं, जोकि कभी भी आंधी में गिरकर बड़ा हादसा कर सकते हैं।