राजकीय वाहन चालक संघ ने हड़ताल को सफल बनाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। यहां तक अधिकारियों की गाड़ी को भी बीच रास्ते में रोक लिया और ड्राइवरों को अपने साथ ले जाने लगे। बीच रास्ते में फंसे अधिकारियों को भी दफ्तर जाने के लिए संघ के पदाधिकारियों से कहना पड़ा।
बात नहीं बनने पर ड्राइवरों पर लगाए गए 500 रुपये का जुर्माना भी भरा। राजकीय वाहन चालक महासंघ के आह्वान पर मुरादाबाद के सभी विभागों के राजकीय वाहन चालक मंगलवार को हड़ताल पर रहे। जबकि कुछ अधिकारियों ने अपने ड्राइवरों को ड्यूटी पर बुला लिया।
चालक संघ के पदाधिकारी किसी भी कीमत पर वाहन नहीं चलाने देने पर अड़े हुए थे। इसके बाद वे उन्होंने दफ्तरों में जाकर विरोध करना और ड्यूटी पर जाने वाले ड्राइवरों को तलाशने लगे। कलेक्ट्रेट में उन्होेंने एडीएम सिटी की गाड़ी को रोक लिया। एडीएम सिटी ने तहसील दिवस का हवाला देकर ड्राइवर को नहीं छोड़ने की बात कही।
जबकि एडीएम एफ के कार्यालय में पहुंच गए। उन्होंने ड्राइवर को हड़ताल में शामिल होने के लिए छोड़ दिया। इसके बाद सभी ड्राइवर फव्वारा चौराहा पर एकत्रित हो गए। वहां से गुजरने वाली गाड़ियों को रोकने लगे।
उन्होंने डीआईओएस, बीडीओ कुंदरकी, जिला कृषि अधिकारी, जिला लेखा परीक्षक, डीपीआरओ, एआरटीओ की गाड़ियों को रोक लिया। गाड़ियों को सड़क के किनारे खड़ा कराकर ड्राइवरों को नीचे उतार लिया। ड्राइवरों को साथ ले जाने के लिए अधिकारियों को हस्तक्षेप करना पड़ा। लेकिन पदाधिकारी ड्राइवरों की हड़ताल का हवाला देकर उन्हें साथ ले जाने पर अड़ गए।
हालांकि बाद में बीच का रास्ता निकाला। हड़ताल में शामिल नहीं होने वाले चालकों पर 500 रुपये का जुर्माना वसूलकर छोड़ा। इस दौरान कुछ ड्राइवरों से बहस भी हुई। इस दौरान जिला मंत्री बदल सिंह, ओमपाल शर्मा, इंद्रपाल, भूपेंद्र सिंह, गजेंद्र सिंह, सत्यपाल सिंह, सुरेंद्र पाल, गोकल सिंह आदि शामिल।