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8 हजार मरीज सरकारी अस्पतालों से बिना दवा के लौटे

Wed, 21 Sep 2016 02:22 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
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जिला अस्पताल में डिप्लोमा फार्मेसिस्टों की हड़ताल के चलते खाली पड़े रहे चिकित्सकों के कक्ष्‍ा। - फोटो : अमर उजाला
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फार्मेसिस्टों के अनिश्चितकालीन हड़ताल से सरकारी अस्पतालों में हाहाकार मच गया। हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं ठप हो गई। न तो वार्डों में भर्ती मरीजों को दवा मिली और न ही ओपीडी के मरीजों को। दवा काउंटर बंद होने से जिला और महिला अस्पताल सहित सीएचसी-पीएचसी में इलाज कराने पहुंचे करीब आठ हजार मरीज बिना दवा के लौट गए।
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जिला अस्पताल की इमरजेंसी में एक भी मरीज भर्ती नहीं किए गए। वहीं अस्पताल में भर्ती बारह मरीज प्राइवेट में चले गए। मंगलवार को सुबह आठ बजे से फार्मेसिस्ट अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। फार्मेसिस्टों ने अस्पताल के दवा काउंटर पर ताला जड़ दिया। साथ ही इमरजेंसी और वार्डों में भी दवा काउंटर पर बंद कर दिया।

जबकि हड़ताल से अंजान मरीज जिला अस्पताल पहुंचे मरीजों ने पर्ची कटाकर ओपीडी में बैठे डाक्टरों से इलाज कराया। लेकिन उन्हें दवा नहीं मिल सकी। जबकि मरीज दवा के इंतजार में दोपहर तक बैठे रहे। यही हाल वार्डों में भर्ती मरीजों का रहा है। वहीं इमरजेंसी में पहुंचे मरीजों को डाक्टरों ने परामर्श देकर भेज दिया। 
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किसी भी मरीज को भर्ती नहीं किया गया। दूसरी ओर स्वास्थ्य सेवाओं की हालत देख वार्ड में भर्ती बारह मरीज प्राइवेट अस्पताल जाना बेहतर समझा। जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डा. राजेंद्र कुमार ने बताया कि हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ा। दवा काउंटर पर फार्मेसिस्टों के ताला लगाने से दवा का वितरण नहीं हो सका। हालांकि पर्ची काउंटर और ओपीडी सेवा चलती रही। 
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