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105 दिन जूझने के बाद जिंदगी हार गए हितेश

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हितेश शर्मा का फाइल फोटो। - फोटो : CITY
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मुरादाबाद। 105 दिन अस्पताल में जूझने के बाद हितेश शर्मा जिंदगी हार गए। हैदराबाद स्थित अस्पताल में गुरुवार को उन्होंने दम तोड़ दिया। पिछले माह पंद्रह जुलाई को अभिनेता सोनू सूद ने उन्हें नोएडा स्थित निजी अस्पताल से एयर एंबुलेंस से हैदराबाद के लिए एयर लिफ्ट कराया था। वहां हितेश के फेफड़े ट्रांसप्लांट किए जाने थे, मगर कोई डोनर नहीं मिल पाया, जिसकी वजह से लगातार उनकी हालत बिगड़ती चली गई।
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सिविल लाइंस की डा. राम स्वरूप कालोनी निवासी हितेश शर्मा (44) अप्रैल माह में कोरोना संक्रमित हो गए थे। इनके बाद परिवार के अन्य सदस्य भी पॉजिटिव हो गए थे। छह मई को हितेश के पिता एवं बिजली विभाग से सेवानिवृत्त कर्मी सुमन शर्मा की छह मई को मृत्यु हो गई थी, जबकि दो दिन बाद आठ मई को उनकी मां अरुणा शर्मा का भी कोरोना से निधन हो गया था। हितेश के फेफड़े खराब हो गए थे। वह दो माह तक मुरादाबाद के निजी अस्पताल में भर्ती रहे, लेकिन उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हो पाया। इसके बाद हितेश को नोएडा स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां डाक्टरों ने सलाह दी कि इनका बेहतर इलाज हैदराबाद के यशोदा अस्पताल में हो सकता है। हितेश के फेफड़ों ने कार्य करना बंद कर दिया था। फेफड़े ट्रांसप्लांट की सलाह गई थी, तब हितेश की बहन रेनू ने बारह जुलाई को अभिनेता सोनू सूद को ट्वीट कर मदद की गुहार लगाई। पंद्रह जुलाई को अभिनेता ने एयर एंबुलेंस से हैदराबाद के यशोदा अस्पताल में शिफ्ट करा दिया था, तब से हितेश का इलाज चल रहा था। उनके फेफड़ों और लीवर ने कार्य करना बंद कर दिया था, जहां गुरुवार सुबह हितेश की मौत हो गई। परिजन शव लेकर मुरादाबाद के लिए रवाना हो गए हैं।
कोरोना संक्रमित होने की वजह से हितेश के फेफड़े खराब हो गए थे। पंद्रह जुलाई को हितेश को अभिनेता सोनू सूद ने नोएडा के अस्पताल से हैदराबाद स्थित यशोदा अस्पताल के लिए एयर एंबुलेंस के जरिए शिफ्ट करा दिया था। हितेश के फेफड़े ट्रांसप्लांट होने थे, मगर कोई डोनर नहीं मिल पाया। गुरुवार सुबह हितेश की मौत हो गई।
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आशुतोष शंखधार, हितेश के रिश्तेदार
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