मौका पाकर फहीम और उसकी पत्नी ने सिपाहियों के कमरे का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया था। इसके बाद मकान का मुख्य दरवाजा भी बाहर से बंद कर दिया। इसके बाद फहीम और उसकी पत्नी दूसरी कार में बैठ कर फरार हो गए थे। इस मामले में हिस्ट्रीशीटर फहीम एटीएम, दोनों सिपाहियों के खिलाफ केस दर्ज कर किया गया था। एसएसपी ने फहीम एटीएम की गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। जबकि डीआईजी शलभ माथुर ने इनाम की राशि बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दी थी।
एक दिन पहले ही बरेली जोन के एडीजी राज कुमार की ओर से फरार हिस्ट्रशीटर फहीम एटीएम पर एक लाख रुपये रुपये की घोषणा की थी। पुलिस फहीम की तलाश में जुटी थी। एसपी अपराध अशोक कुमार सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार रात पाकबड़ा पुलिस दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर लोधीपुर राजपूत गांव के पास वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान दिल्ली की ओर से मुरादाबद की ओर एक सेंट्रो कार आती दिखाई दी। पुलिस कर्मियों ने चालक को कार रोकने के लिए इशारा किया। पुलिस कर्मियों को देखकर उसने कार सर्विस रोड पर मोड़ दी।
इसके बाद पुलिस कर्मियों ने उसका पीछा किया तो आरोपी चालक ने कार सत्या कॉलेज के पास एक फैक्टरी के सामने रोक दी। इसके बाद वह कार से उतर गया और पुलिस कर्मियों पर फायरिंग कर भागने की कोशिश करने लगा। जिसमें पुलिस कर्मी बाल-बाल बच गए। पुलिस कर्मियों ने भी जवाबी फायरिंग शुरू कर दी। एक गोली आरोपी चालक के पैर में लगी और वो वहीं गिर गया। पुलिस कर्मियों ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया और तमंचा अपने कब्जे में लिया। तब पुलिस कर्मियों को पता चला कि घायल आरोपी फहीम एटीएम है। वह कांठ के उमरी कलां गांव निवासी है। इस पर एक लाख का इनाम घोषित है।