ठाकुरद्वारा में दिल्ली की नर्स ने अपने प्रेमी सिपाही से निकाह कराने के लिए कोतवाली में हंगामा किया। दोनों के बीच करीब नौ साल से प्रेम संबंध थे। नर्स का आरोप था कि सिपाही नौकरी लगने के बाद निकाह से बच रहा है। बाद में गांव वालों की मध्यस्थता से दोनों पक्षों की सहमति से 13 नवंबर को निकाह की तारीख तय की गई।
ठाकुरद्वारा में नर्स ने कोतवाली पहुंचकर अपने प्रेमी सिपाही से निकाह करने के लिए जमकर हंगामा किया। नर्स निकाह करने पर अड़ी रही। करीब तीन घंटे तक दोनों पक्ष में जद्दोजहद हुई। वहीं गांव के लोगों ने समझाया तो 13 नवंबर की तारीख निकाह के लिए तय कर दी गई।
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पुलिस ने दोनों पक्षों को कोतवाली से वापस भेज दिया। ठाकुरद्वारा अंतर्गत एक गांव निवासी युवक बुलंदशहर जनपद के एक पुलिस चौकी में सिपाही पद पर कार्यरत है। वह शनिवार को अपने गांव आया हुआ था।
इसकी जानकारी उसकी प्रेमिका को लगी तो उसने शनिवार की रात इसकी सूचना 112 डायल पुलिस को दी। 112 डायल पुलिस युवती और सिपाही को कोतवाली ले आई। युवती ने पुलिस को बताया कि कि उसका सिपाही से करीब नौ वर्ष से प्रेम प्रसंग चल रहा है।
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वह एक निजी अस्पताल दिल्ली में नर्स का काम करती है। युवती ने आरोप लगाया कि वह उसके साथ निकाह का झांसा देकर संबंध बनाता रहा, लेकिन पुलिस की नौकरी लग जाने के बाद वह निकाह करने से टालमटोल कर रहा है।
वह गांव आया था तो नर्स ने उससे निकाह करने को कहा तो वह फिर टाल मटोल करने लगा। जिस पर उसने इसकी सूचना 112 डायल पुलिस को दी। कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक ने दोनों पक्षों को रविवार को कोतवाली में बुलाया।
सिपाही ने प्रभारी निरीक्षक के समस्त कहा कि वह निकाह करने के लिए तैयार है, लेकिन उसे समय दिया जाए। लेकिन युवती नहीं मान रही थी। वह रविवार को ही निकाह करने पर अड़ी रही। नर्स के परिजनों ने भी रविवार को ही निकाह करने की मांग की, लेकिन युवक नहीं मान रहा था।
बाद में गांव के कुछ लोगों ने मध्यस्थता कराकर दोनों पक्षों को समझाया। इसके बाद दोनों की सहमति से निकाह की तारीख 13 नवंबर निर्धारित की गई। कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक मनोज परमार ने बताया कि दोनों पक्षों को समझाने पर निकाह करने के लिए सहमत हो गए हैं। उन्हें घर भेज दिया गया है।