मुरादाबाद। रामपुर की पूर्व सपा सांसद एवं फिल्म अभिनेत्री जयाप्रदा पर आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में शुक्रवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान संभल के पूर्व सपा जिलाध्यक्ष और कार्यक्रम आयोजक कोर्ट में पेश हुए। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने पांच दिन का और वक्त मांग लिया। जिस पर अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 17 नवंबर की तारीख तय की है।
कटघर थानाक्षेत्र स्थित मुस्लिम डिग्री कालेज में 2019 में रामपुर के सपा सांसद आजम खां और मुरादाबाद के सपा सांसद डा. एसटी हसन के स्वागत के लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसमें आजम खां के अलावा उनके बेटे अब्दुल्ला आजम और मुरादाबाद के सांसद डा. एसटी हसन ने प्रमुख रूप से शिरकत की थी। इस जलसे में अपने संबोधन के दौरान आजम खां व अन्य सपाइयों ने फिल्म अभिनेत्री जयाप्रदा पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी थी। इस मामले में रामपुर के सिविल लाइंस थाने में सपा सांसद आजम खां, अब्दुल्ला आजम, मुरादाबाद के सपा सांसद डा. एसटी हसन, संभल के पूर्व सपा जिलाध्यक्ष फरोज खां, रामपुर नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन अजहर खां और आयोजनकर्ता आरिफ खां के केस दर्ज किया गया था।
मुकदमें की सुनवाई एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट पुनीत गुप्ता की अदालत में की जा रही है। विशेष लोक अभियोजक मोहनलाल विश्नोई ने बताया कि मुरादाबाद के सांसद डॉ. एसटी हसन, समारोह के आयोजक आरिफ व सपा नेता फिरोज खान के डिस्चार्ज प्रार्थना पत्र खारिज होने के बाद वह लोग उच्च न्यायालय की शरण में चले गए थे। जिसके बाद अदालत ने आरोप तय करने के लिए आरोपियों को शुक्रवार तक समय दिया था। शुक्रवार को सांसद एसटी हसन ने हाजरी माफी प्रस्तुत की तथा अन्य आरोपी फिरोज खान व आरिफ अदालत में हाजिर हुए। जिन्होंने सशपथ प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। इसमें समय की मांग की गई। अदालत ने आरोपियों को एक अवसर और प्रदान करते हुए आगामी 17 नवंबर की तारीख लगा दी है। यदि इस तारीख तक कोई आदेश उच्च न्यायालय से प्राप्त नहीं होता है तो इस तिथि पर आरोप निर्धारण की कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।