जमीन पर गिरे लोगों को कुचल रही थी भीड़
हाथरस हादसे में जान गंवाने वाली बनियाठेर के गांव अफजलपुर डरौली निवासी कमला की बेटी ने बताया कि मेरी मां मायके में थी। वहीं से ममेरे भाई सोनू के साथ सत्संग में शामिल होने के लिए गई थीं। जबकि मैं गांव के लोगों के साथ गई थी। हाथरस जाने के बाद वह सभी मिल गए थे और साथ में ही सत्संग में प्रवचन सुना था।
दोपहर में सत्संग खत्म हुआ तो लोग घर जाने लगे। इसी बीच एक दम भगदड़ मच गई। हर तरफ चीख चिल्लाने की आवाज आ रही थे। जमीन पर पड़े लोगों के ऊपर से लोग भाग रहे थे। इसी भीड़ में मम्मी भी गुम हो गई। काफी तलाश की लेकिन उसकी मां का पता नहीं चल सका। हमें रात के समय अलीगढ़ अस्पताल में मां का शव मिला।
सत्संग में भीड़ थी, इसलिए पीछे जगह मिली और जल्दी वहां से चल दिए सत्संग में हजारों की संख्या में लोग थे। भीड़ ज्यादा होने पर हम जितने भी ग्रामीण गए थे। सभी को सत्संग में सबसे पीछे जगह मिली। सत्संग पूरा हुआ तो पहले ही निकलकर बस में सवार हो गए। हादसे की जानकारी काफी देर बाद हुई। सभी भगवान का धन्यवाद कर रहे थे कि इस बड़े भीषण हादसे से उनकी जान बच गई। सभी ने घर पहुंचकर राहत की सांस ली है। -नौसिंह, गांव पाली
यदि हम पहले नहीं निकले होते तो हम या हमारे साथ का कोई भी इस हादसे का शिकार हो सकता था। हजारों की संख्या में लोग थे। गनीमत यह रही कि हम पहले ही निकल आए थे। कई किलोमीटर दूर आने पर किसी ने फोन किया तो हमें हादसे की जानकारी हुई। हादसा जिस तरह हुआ है उससे किसी भी रूह कांप रही है। हम तो इस हादसे से बचकर आए हैं इसलिए हमारे परिवार के लोग भी डर गए थे। जब घर पहुंचे तो राहत की सांस ली। -वीरपाल, गांव हरिपुर
गांव में किया पिंकी का अंतिम संस्कार
गुन्नौर कोतवाली क्षेत्र के गांव उदयभानपुर निवासी पिंकी शर्मा (25) का शव बुधवार को गांव पहुंचा तो परिजनों का रो रोकर बुरा हाल हो गया। गांव में ही अंतिम संस्कार किया गया है। महिला अपने अपने ससुर और दो बच्चों के साथ गांव की अन्य दो महिलाओं के साथ सत्संग में शामिल होने गई थीं।
भगदड़ के दौरान जान चली गई। परिजनों ने बताया कि ससुर और बच्चे अलग थे। वह किसी तरह बच्चों को बचाकर निकल गए। पिंकी हादसे का शिकार हो गईं। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में बड़ी संख्या में लोग भोले बाबा के अनुयायी हैं।
जहां भी सत्संग होता है वहां अक्सर गांव के लोग शामिल होने के लिए जाते हैं। बताया कि आसपास के गांवों के लोग भी अनुयायी हैं।