एक साल से जिला अस्पताल में भर्ती हलीमा अब अपनों की याद में और नहीं तड़पेगी। अमर उजाला में खबर छपने के बाद हलीमा को कई बजरंगी भाईजान मिल गए हैं, जो उसे उसके घर पहुंचाएंगे। बुधवार को खबर पढ़ने के बाद मददगार जिला अस्पताल पहुंचे और हलीमा का हालचाल जाना। अपने गांव जाने की खुशी में हलीमा की आंखों से आंसू छलक आए। वो बोलीं, जल्द अपनी मां और बेटे से मिला चाहती हूं।
अभी तक हलीमा को सिर्फ गांव का नाम पता था, लेकिन अब पुलिस की मदद से उसके घर का पूरा पता मालूम हो गया है। वह हैदराबाद के रंगरेड्डी जिले के थाना शंकरपल्ली के मोकिला गांव की रहने वाली है। बुधवार को मददगारों ने हलीमा के गांव सरपंच से भी बात की। सरपंच ने बताया कि हलीमा की मां उसकी याद में सुधबुध खो बैठी है।
पति की मौत हो गई है और मासूम बच्चे का भी पता नहीं है। मददगारों ने बताया कि अस्पताल और पुलिस की औपचारिकताएं पूरी होते ही हलीमा को उसके घर पहुंचा दिया जाएगा। हलीमा एक साल एक महीने से जिला अस्पताल में भर्ती है। वह ट्रेन से भूले भटके मुरादाबाद आ गई थी। यहां उसका एक्सीडेंट हो गया था। तब से वह जिला अस्पताल में ही रह गई। वह चलने में असमर्थ है। हलीमा वाकर के सहारे चलती है।
नवाज और नईम बने बजरंगी भाईजान
खबर प्रकाशित होने के बाद हलीमा से मिलने पहुंचे जामा मस्जिद वेलफेयर सोसायटी के पदाधिकारियों ने बताया कि वह दो दिनों के अंदर प्रशासनिक औपचारिकता पूरी होते ही हलीमा को उसके घर छोड़ने जाएंगे। बुधवार को उन्होंने इस सबंध मे सीएमएस से मुलाकात की। जामा मस्जिद वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष निजाम हुसैन पम्मा ने बताया कि गुरुवार को जिलाधिकारी से मिलने के बाद महिला कांस्टेबल की मदद से सोसायटी के नवाज जॉन और नईम बादशाह हलीमा को उसके घर पहुंचाने जाएंगे।
सांई समर्पण ग्रुप ने गांव के सरपंच से की बात
अमर उजाला में हलीमा की खबर छपने के बाद सांई समर्पण ग्रुप की शीतल अग्रवाल, शुबिता अग्रवाल, ममता अग्रवाल अपनी अन्य सदस्यों के साथ जिला अस्तपाल पहुंची। यहां उन्होंने हलीमा से बातचीत की। ग्रुप की सदस्यों ने सीएमएस से भी मुलाकात की।
इसके बाद ग्रुप की अध्यक्षा शीतल अग्रवाल सिविल लाइंस थाने गईं। यहां पुलिस की मदद से उन्होंने हलीमा के गांव मोकिला के थाना शंकरपल्ली के थाना प्रभारी और गांव के सरपंच से बात की। सरपंच ने बताया कि वह जल्दी ही हलीमा को लेने आएंगे। वहीं सरपंच के यहां आने से पहले ही हलीमा को लोग उसके घर पहुंचाने की तैयारी में हैं।