दुनिया के भर के आजमीन खाना-ए-काबा की जियारत को मक्का शरीफ पहुंच चुके हैं। जहां खुदा की इबादत में मशगूल हैं, लेकिन असल इबादत इस्लामिक महीने जिलहिज की आठ तारीख से होगी। जो 12 जिलहिज तक चलेगी। इन पांच दिनों में आजमीनों के हज के सभी अरकान पूरे करने होंगे। इसकी शुरुआत आठ जिलहिज को मिना के टेंट सिटी होगी।
वैसे सऊदी अरब की सरजमीं पर पहुंचने के साथ ही आजमीनों की इबादत का दौर शुरू हो जाता है। हज के अरकान की शुुरुआत इस्लामिक महीने जिलहिज की आठ तारीख से होगी है। इसका आगाज मिना में बसे टेंट सिटी से होगा। आठ जिलहिज को पूरे दिन आजमीनों को मिना के मैदान में खुले आसमान के नीचे बसे टेंट सिटी में रहना होगा। टेंट सिटी में रहकर खुदा की इबादत करेंगे और मगफिरत की दुआ मांगेंगे। मुरादाबाद के हज ट्रेनर हाजी मुख्तार असलम ने बताया कि हज के पाक सफर पर पांच दिन खास होते हैं। इस दौरान ही हज के सारे अरकान पूरे किए जाते हैं।
किस तारीख को क्या रस्म होगी
- 08 जिलहिज को आजमीन मक्का से मिना के लिए रवाना होंगे। इसके लिए उन्हें 05 किमी का सफर तय करना होता है। यहां आजमीन पूरे दिन टेंट सिटी में रहेंगे और इबादत करेंगे।
- 09 जिलहिज की सुबह के वक्त हजयात्री 6.5 किमी का सफर तय कर मिना से अरफात पहुंचेंगे। जहां एक अजान और दो तकबीरों के साथ नमाज पढ़ी जाएगी। बिना मगरिब की नमाज पढ़े फिर मुजदल्फा के मैदान में जाएंगे।
- 09 जिलहिज की शाम के वक्त अरफात से मुजदलफा के लिए रवाना होंगे। इसकी दूरी 5.5 किमी है।
- 10 जिलहिज की सुबह 01 किमी का सफर तय कर मुजदलफा से मिना पहुंचना होगा। मिना मेें बड़े शैतान को कंकरी मारी जाएंगी और कुर्बानी की जाएगी। दोपहर में मिना से मक्का जाना होगा। शाम को फिर मक्का से मिना जाना होगा।
- 11 जिलहिज को तीनों शैतानों को सात-सात कंकरी मारी जाएंगी।
- 12 जिलहिज को जो आजमीन शैतान को पत्थर मारने से रह गए, वह कंकरी मारेंगे। इसी दिन शाम को मिना से आजमीन मक्का के लिए रवाना होंगे।
18 अगस्त से होगी वतन वापसी
18 जुलाई को दिल्ली से हजयात्रा के लिए आखिरी उड़ान भरी गई। जिले से करीब एक हजार आजमीन हजयात्रा पर गए हैं। हज के अरकान पूरा करने के बाद हजयात्रियों की वतन वापसी 18 अगस्त से होगी।