मुरादाबाद। राज्यकर विभाग की जांच में फर्जी फर्म बनाकर करोड़ों रुपये की जीएसटी चोरी का खुलासा हुआ है। इस मामले में मझोला थाने में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं। इन दोनों मामलों की जांच अब एसआईटी (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) करेगी।
पहली एफआईआर राज्यकर खंड-4 की उपायुक्त नमित लाम्बा ने दर्ज कराई है। इसमें जामिया नगर दिल्ली के मो. शहाबुद्दीन और रोहिणी दिल्ली के राकेश कुमार बजाज आरोपी हैं। इन्होंने 1 जुलाई 2017 को मेसर्स केकेटी इंपेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड नाम से फर्म पंजीकृत कराई थी। फर्म ने वित्तीय वर्ष 2017-18 में आठ करोड़ 88 लाख 46 हजार 500 रुपये का कारोबार दर्शाया। इस पर एक करोड़ 59 लाख 92 हजार 370 रुपये की जीएसटी बनती थी। ब्याज समेत यह राशि एक करोड़ 79 लाख 10 हजार 578 रुपये हो गई है। विभाग ने 11 सितंबर 2025 को जांच की तो मौके पर कोई फर्म नहीं मिली। फर्म पर 15 लाख 99 हजार 236 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया था।
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दूसरी फर्जी फर्म
मुरादाबाद। दूसरी एफआईआर राज्यकर खंड-3 के सहायक आयुक्त विनय कुमार शुक्ला ने दर्ज कराई है। इसमें सिविल लाइंस के राज कुमार और उसके साथी आरोपी हैं। इन्होंने 11 नवंबर 2021 को आरके इंटरप्राइजेज नाम से फर्म बनाई थी। जांच में यह फर्म भी मौके पर संचालित नहीं मिली। राज कुमार ने वित्तीय वर्ष 2021-22 में 13 करोड़ 43 लाख 16 हजार 320 रुपये का कारोबार दर्शाया।
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एसआईटी करेगी जांच
मुरादाबाद। केकेटी इंपेक्ट्स फर्म पर 35 लाख 50 हजार 218 रुपये का बकाया चल रहा है। आरके इंटरप्राइजेज ने पांच करोड़ 90 लाख 28 हजार 953 रुपये की जीएसटी चोरी की है। पुलिस अधीक्षक नगर कुमार रण विजय सिंह ने बताया कि दोनों मामलों की जांच एसआईटी करेगी। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। एसआईटी पहले से ही जीएसटी चोरी के दस मामलों की जांच कर रही है।