जीएसटी काउंसिल द्वारा करीब 200 वस्तुओं पर जीएसटी की दर कम किए जाने के बाद भी ग्राहकों को कटौती का लाभ नहीं मिल रहा है। दस दिन पहले ही जीएसटी काउंसिल की बैठक में करीब दौ सौ वस्तुओं जिन पर 28 प्रतिशत जीएसटी था उसे घटा कर 18 प्रतिशत कर दिया गया।
लेकिन अभी तक ग्राहकों को अट्ठाइस प्रतिशत वाले एमआरपी पर ही वस्तुएं मिल रही हैं। ऐसे में ग्राहकों को जीएसटी की घटी दरों का कोई लाभ नहीं मिल रहा है। व्यापारियों ने बताया कि उन्होंने 28 प्रतिशत वाले एमआरपी पर माल मंगवाया था। अब उस एमआरपी को कम कर माल बेचने में नुकसान है।
जब तक पुराना स्टाक समाप्त नहीं हो जाता तब तक कम कीमतों पर माल बेचना व्यापारियों के लिए संभव नहीं है। वहीं इस संबंध में जीएसटी डिप्टी कमिश्नर हर्ष वर्धन ने बताया कि शीघ्र ही एमआरपी बदलने के संबंध में आदेश जारी हो सकता है। आदेश जारी होते ही दुकानदारों को एमआरपी में 18 प्रतिशत जीएसटी ही शामिल कर ग्राहकों को माल बेचना होगा।