मुरादाबाद। टीएमयू में बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के तत्वाधान में एक मंडलीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। मंडलायुक्त ने विभागीय अधिकारियों से कहा कि सरकारी योजनाएं धरातल पर नजर आनी चाहिए।
जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉॅ. अनुपमा शांडिल्य ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए पोषण माह में की गई गतिविधियों की जानकारी दी। बताया कि पूर्व में किए गए सर्वे में पहले 53 प्रतिशत बच्चों में एनीमिया था, जो अब 68 प्रतिशत बच्चों में है। 15 से 49 साल की महिलाओं में ये 57 प्रतिशत है। मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह ने कहा कि वे इस कार्य को नौकरी नहीं, बल्कि सेवा भाव समझकर ईमानदारी से करें।
चाइल्ड केयर एवं प्रोटेक्शन फंड का जिक्र करते हुए उनके द्वारा बच्चों को आवश्यकता पड़ने पर इस फंड से उपचार किया जा सकता है। टीएमयू के कुलाधिपति सुरेश जैन ने कहा कि उनका विवि उपलब्ध संसाधनों को कुपोषण निवारण में प्रयुक्त किए जाने के लिए सदैव तत्पर रहेगा।
इस अवसर पर बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा रंगोली व विभागीय योजनाओं के स्टॉल भी लगाए गए। मुख्य आकर्षण पोषण वाटिका रही। डॉक्टर रिचा सिंह पांडेय, डॉक्टर अमित मल्होत्रा कार्यक्रम प्रबंधक यूनिसेफ ने भी कई लाभकारी जानकारियां दी। बाल अधिकार एवं संरक्षण आयोग के अध्यक्ष डा. विशेष गुप्ता ने कुपोषण प्रबंधन में समाज की सहभागिता पर विशेष बल दिया गया। सीडीओ आनंद वर्धन, अपर आयुक्त बीएन यादव, संयुक्त विकास आयुक्त श्रीकृष्ण कुमार पांडेय, सीडीओ अमरोहा चंद्रशेेखर शुक्ला, सीडीओ संभल उमेश कुमार त्यागी आदि मंडलीय अधिकारी शामिल रहे।