मुरादाबाद। निजी अस्पताल कोविड के मरीजों से मनमानी वसूली नहीं कर पाएंगे। अस्पतालों की लगातार शिकायतों के बाद सरकार ने कोरोना के सामान्य मरीजों, गंभीर और अति गंभीर मरीजों के भर्ती रहने पर प्रतिदिन का पैकेज निर्धारित कर दिया है। मुरादाबाद में सात अस्पतालों में कोविड के मरीजों के इलाज की सुविधा है। इनमें तीन सरकारी अस्पताल हैं, जिनमें निशुल्क इलाज है। बाकी चार अस्पतालों के लिए उनकी श्रेणी के हिसाब से 6400 से 14400 प्रतिदिन का शुल्क होगा। इसी पैकेज में स्टाफ पीपीई किट, कंसल्ट डाक्टर विजिट, नर्सिंग केयर और मरीज के भोजन एवं अन्य सुविधाएं शामिल होंगी।
कोरोना के मरीज बढ़ने के साथ अस्पतालों में दबाव बढ़ रहा है। एमसीएच विंग स्थित कोविड 19 एल टू, रेलवे अस्पताल एल वन और टीएमयू को एल थ्री बनाया है। इनमें मरीज का निशुल्क इलाज होगा। टीएमयू मेडिकल कालेज में सरकारी के अलावा निजी बेड की सुविधाएं भी हैं। मरीज अपनी मर्जी से भुगतान कर निजी वार्डों में इलाज करवा सकता है। इनके अलावा विवेकानंद और कॉसमॉस में कोविड मरीजों का इलाज हो रहा है। एपेक्स और सांई अस्पताल में भी कोविड के मरीज भर्ती हो रहे हैं।
सीएमओ डा. एमसी गर्ग के मुताबिक निजी अस्पताल पीपीई किट, डाक्टर की विजिट, नर्सिंग केयर, मानीटरिंग जैसे खर्च मरीज के बिल में जोड़ रहे हैं। मसलन, यही शिकायतें अन्य जिलों से भी हुई हैं। सरकार ने गुरुवार को निजी अस्पतालों के लिए प्रतिदिन का पैकेज शुल्क निर्धारित कर दिया है। सीएमओ ने बताया कि मुरादाबाद में एल वन और एल टू, एल थ्री को छोड़कर बाकी अस्पतालों के लिए शुल्क निर्धारित कर दिया है। टीएमयू के निजी वार्डों में भर्ती मरीजों के लिए भी यह लागू होगा। मुरादाबाद जिले को बी श्रेणी में शामिल किया है। इसमें एनएबीएच अधिकृत अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड में आठ हजार, आईसीयू में बारह हजार और आईसीयू वेंटिलेटर के साथ 14400 रुपये प्रतिदिन का शुल्क होगा। अनाधिकृत अस्पताल में आइसोलेशन का 6400, आईसीयू का 10400 और आईसीयू के साथ वेंटिलेटर का बारह हजार रुपये शुल्क रोज होगा। को-मॉर्बिडिटीज रोगियों का उपचार और अल्प अवधि की होमी डायलिसिस सुविधा इसी पैकेज में शामिल की गई है।
- सरकार ने निजी अस्पतालों के लिए मरीज के इलाज का प्रतिदिन का शुल्क निर्धारित कर दिया है। अस्पतालों को सरकार की गाइड लाइन जारी कर दी है। इससे अधिक शुल्क वसूली पर मरीज या तीमारदार की शिकायत पर अस्पताल के खिलाफ उप्र महामारी नियमावली की धाराओं पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
- डा. एमसी गर्ग, सीएमओ
इनका करना होगा अगल से भुगतान
- जरूरत पड़ने पर दी जाने वाली रैमडेसिविर दवा
- आरटीपीसीआर और आईएल-6 टेस्ट
- भर्ती रहने के दौरान गर्भवती महिला की डिलीवरी