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आयुष्मान कार्ड बनवाने के नाम पर जालसाजी

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पाकबड़ा (मुरादाबाद)। आयुष्मान कार्ड में फर्जीवाड़े के खुलासे से पूरी व्यवस्था पर ही सवालिया निशान लग गया है। आयुष्मान कार्ड और एक निजी अस्पताल के फर्जी बिल बनाने का मामला सामने आने से हड़कंप मच गया। बिजनौर निवासी एक मरीज ने इलाज के लिए ऋषिकेश (उत्तराखंड) स्थित एम्स में आयुष्मान कार्ड लगाया तो इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। पुलिस ने बताया कि पाकबड़ा थाने में महिला मरीज के बेटे की तहरीर पर हिंदू समाज पार्टी के नेता और निजी विश्वविद्यालय के पूर्व कर्मचारी के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
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बिजनौर जनपद के धामपुर थानाक्षेत्र मोहल्ला बंदूकचियान निवासी निषित अग्रवाल ने पाकबड़ा थाने में फर्जी आयुष्मान कार्ड और टीएमयू के फर्जी बिल के मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई है। उसने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनकी मां स्नेहलता को ब्रेनहेमरेज हो गया था। उन्हें इलाज के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। निषित ने बताया कि उसकी आर्थिक हालत ठीक नहीं है। इस वजह से निजी अस्पताल में इलाज कराने में वह असमर्थ था। युवक का दावा है कि मैंने हिंदू समाज पार्टी के नेता प्रयांशु जोशी से बात की कि मेरा आयुष्मान कार्ड बनवाने में मदद करें, जिससे में अपनी मां का इलाज करा सकूं। आरोप है कि प्रयांशु जोशी ने उनसे कहा कि रोहित त्यागी नाम का एक व्यक्ति निजी अस्पताल में नौकरी करता था। उसने काफी लोगों के आयुष्मान कार्ड बनवाए हैं। मैं तुम्हारा भी आयुष्मान कार्ड मझोला के लाइनपार निवासी रोहित से कहकर बनवा दूंगा।
आरोप है कि आठ दिसंबर को प्रयांशु जोशी, ने रोहित को अपने पार्श्वनाथ प्लाजा स्थित दफ्तर पर बुलाकर मेरी बात करवा दी थी। उसने कहा कि आपका आयुष्मान कार्ड बन जाएगा। इस कार्ड बनवाने का खर्च 25 हजार रुपये आएगा। मैंने उसी दिन दस हजार रुपये आरोपी को दे दिए। आरोपी ने कहा कि दो से तीन दिन में आयुष्मान कार्ड बन जाएगा। इसके बाद मैंने तय शेष धनराशि काभुगतान छह बार में प्रयांशु जोशी के मोबाइल नंबर पर गूगल पे द्वारा 14200 रुपये ट्रांसफर किए। रोहित त्यागी ने मुझे बताया कि जोशी ने मुझे केवल 6500 रुपये दिए हैं। रोहित त्यागी ने मुझे 16 दिसंबर को जोशी के ऑफिस में आयुष्मान कार्ड दे दिया। इसके अलावा मैंने रोहित त्यागी से कहा कि मेरी बिजनौर जिले के स्योहारा क्षेत्र से विधायक अशोक राणा से बात हुई थी। उन्होंने कहा कि तुम बीमारी के खर्चे का बिल बनवा देना। मैं तुम्हारी मदद करा दूंगा। मैंने ये बात रोहित त्यागी से बताई, तो उसने निजी अस्पताल का दो लाख दस हजार का बिल 12 दिसंबर को मुझे दिया था। उसने कहा था कि वह अस्पताल से जाकर बिल लाया है। आरोप है कि रोहित त्यागी ने बिल के संबंध में दो हजार रुपये क्यूआर कोड से मुझसे ट्रांसफर करवाए। उस बिल को लेकर मैं विधायक के पास गया। इस पर विधायक ने बिल को फर्जी बताया था। इसके बाद 16 दिसंबर को अपनी मां स्नेहलता को निजी अस्पताल से डिस्चार्ज कराकर ऋषिकेश एम्स में भर्ती कराया। एम्स में आयुष्मान कार्ड को दिखाया। इस पर एम्स के कर्मचारी ने बताया कि ये कार्ड फर्जी है। ये कार्ड स्नेहलता के नाम से जारी नहीं है। इसके बाद अहसास हुआ कि उनके साथ आरोपियों ने जालसाजी की है।
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वर्जन
आयुष्मान कार्ड बनाने के नाम पर ठगी करने का मामला दर्ज है। तहरीर के आधार पर दो लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। विवेचना में जो भी तथ्य सामने आएंगे। उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अखिलेश भदौरिया, पुलिस अधीक्षक नगर
मेरी पार्टी के एक कार्यकर्ता को आयुष्मान कार्ड की जरूरत थी। मुझे पता चला कि रोहित त्यागी कार्ड बनवाता है। मैंने उससे कार्ड बनवाने के लिए कह दिया था। मुझे नहीं पता था कि रोहित फर्जीवाड़ा करता है। कार्यकर्ता ने मेरे एकाउंट में पैसे ट्रांसफर किए थे। मैंने वो पैसे आगे रोहित के एकाउंट में ट्रांसफर कर दिए थे। मुझे इस केस में झूठा फंसाया गया है।
प्रयांशु जोशी, नेता हिंदू समाज पार्टी
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हमारे संज्ञान में आया है कि धामपुर निवासी निषित अग्रवाल द्वारा रोहित त्यागी और प्रयांशु जोशी के खिलाफ धोखाधड़ी और फर्जी आयुष्मान कार्ड बनवाने का मुकदमा पाकबड़ा थाने मे दर्ज कराया गया है। रोहित त्यागी पूर्व में अस्पताल के इंश्योरेंस विभाग में काम करता था। उसे कुछ मरीजों के साथ धोखाधड़ी करने के आरोप में नौकरी से निकाल दिया गया था। इस संबंध में पुलिस अपने स्तर से कानूनी कार्रवाई कर रही है।
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अभिषेक कपूर निदेशक, प्रशासन
तीर्थंकर महावीर विश्वविद्यालय, मुरादाबाद
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