बिलारी। एक बेरोजगार युवक को बैंक शाखा से ऋण दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी की गई तथा ऋण मंजूर कराने के लिए ली गई धनराशि हड़प ली गई। बैंक कर्मियों की जांच में ऋण स्वीकृति पत्र फर्जी पाए जाने पर मामला खुला। अब पीड़ित की शिकायत पर अदालत के आदेश पर दो लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
थाना क्षेत्र के हमजापुर गांव निवासी सचिन कुमार की ओर से अदालत के आदेश पर थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा गया कि वह बेरोजगार है। कुछ समय पहले उसके चचेरे भाई रोहित ने उसकी जान पहचान चंदौसी के मोहल्ला ब्रह्म बाजार निवासी संजीव कुमार गुप्ता और चंदौसी की आवास विकास कालोनी निवासी पंकज कुमार सिंह से कराई। उसे कारोबार करने के लिए 25 लाख रुपये की जरूरत थी। इस दौरान पता चला कि संजीव कुमार गुप्ता और पंकज कुमार सिंह दोनों बैंक से लोन दिलाने का काम करते हैं। सचिन कुमार के अनुसार डेढ़ साल पहले वह इन दोनों से लोन दिलाने के लिए मिला तब माता उर्मिला देवी की संपत्ति के कागजात दोनों ने ले लिए तथा अनेक कागजों पर उसके हस्ताक्षर भी करा लिए। सचिन कुमार की ओर से दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा गया है कि संजीव कुमार गुप्ता ने उससे ऋण मंजूर कराने के खर्चे के नाम पर 20 अप्रैल 2024 को 96 हजार रुपये नकद ले लिए और पांच अगस्त 2024 को 36 हजार रुपये खाते के माध्यम से ले लिए। बाद में 23 अगस्त को दोनों आरोपियों ने 21 लाख 45 हजार रुपये का ऋण स्वीकृति का पत्र उसके घर हमजापुर गांव में जाकर दिया।
सचिन ने जब यह स्वीकृति पत्र एक्सिस बैंक की बिलारी शाखा में जाकर दिखाया तब बैंक कर्मियों ने संबंधित स्वीकृति पत्र को फर्जी बताया। सचिन ने जब दोनों आरोपियों से ऋण मंजूर कराने के नाम पर उसके साथ किए फर्जीवाड़े की शिकायत करते हुए ली गई रकम वापस करने को कहा तब संजीव कुमार ने उसे केवल 3600 रुपये दिए। थाना बिलारी पुलिस और अधिकारियों को शिकायत करने के बाद भी कार्रवाई न होने पर अदालत की शरण लेनी पड़ी। अब न्यायालय एसीजेएम के आदेश पर संजीव कुमार और पंकज कुमार के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी की धाराओं में थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है।