संभल जामा मस्जिद कमेटी ने एएसआई को पत्र भेजकर रमजान से पहले मस्जिद की रंगाई-पुताई और सजावट की अनुमति मांगी है। पिछले वर्ष भी अनुमति न मिलने पर मामला उच्च न्यायालय पहुंचा था। इसके बाद पुताई हुई थी।
संभल जामा मस्जिद की इंतजामिया कमेटी के सदर जफर अली ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के सुपरिंटेंडेंट आर्कियोलॉजिस्ट को पत्र भेजा है। जिसमें मस्जिद की रंगाई-पुताई और सजावट कराने की मांग की है।
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सदर द्वारा भेजे गए पत्र में कहा गया है कि पिछले वर्ष हुई पुताई धूल-बारिश के कारण खराब हो गई है, इसलिए इस साल भी रमजान माह के लिए जामा मस्जिद की रंगाई-पुताई और सजावट कराना आवश्यक है।
कुछ समय पहले सदर ने जिला प्रशासन से रमजान में लाउडस्पीकर लगाने की मांग की थी, जिसको प्रशासन ने यह कहते हुए अस्वीकार कर दिया था कि मस्जिद के मंदिर होने का दावा न्यायालय में विचाराधीन है।
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इसलिए अनुमति नहीं दी सकती है। मालूम हो पिछले वर्ष भी रमजान में मस्जिद की पुताई की मांग एएसआई से की गई थी, लेकिन अनुमति नहीं मिली थी। जिसके बाद मामला उच्च न्यायालय पहुंचा था। उच्च न्यायालय के आदेश पर पुताई का कार्य हुआ था। लेकिन पुताई के समय हरे रंग को लेकर हिंदू पक्ष ने विरोध जताया था।