मुरादाबाद जिला बुखार से अब तप रहा है, हर दिन गांवों में लोगों की मौत हो रही है। कुंदरकी में चार और बुखार पीड़ितों की जान चली गई। जिले में अब तक बुखार से 17 व डेंगू से छह लोगों की मौत हो चुकी है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग अक्तूबर में दस्तक अभियान चलाकर घर घर बुखार के मरीज ढूंढेगा। वहीं स्वास्थ्य विभाग की डायरी में डेंगू से मरने वालों का आंकड़ा शून्य है।
अगवानपुर व ठाकुरद्वारा में अब तक बुखार व डेंगू से सबसे ज्यादा मौतें हुई हैं। अगवानपुर में एक माह में नौ मौतों में से तीन डेंगू से व छह बुखार से हुई हैं। वही ठाकुरद्वारा में आठ लोगों की जान गई है। इनमें से डॉक्टरों ने एक को डेंगू बताया था। बिलारी में एक व कुंदरकी में चार लोगों की मौत हुई है। जबकि शहर में एक महिला ने डेंगू के कारण निजी अस्पताल में दम तोड़ दिया था।
जुलाई से अब तक बुखार का कहर ऐसा है कि हर माह बुखार के औसतन आठ हजार मरीज जिला अस्पताल व सीएचसी पर भर्ती हो रहे हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में जुलाई 4913 मरीज बुखार के देखे गए। जबकि भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या करीब 6000 रही। अगस्त में बुखार के 5107 मरीज देखे गए।
भर्ती होने वालों की संख्या सात हजार से ज्यादा है। इसी तरह सितंबर में अब तक बुखार के 2400 से ज्यादा मरीज ओपीडी में देखे गए हैं। जबकि 3000 से ज्यादा मरीज भर्ती हुए हैं। बीजना, अगवानपुर, गोवर्धनपुर, सिरसवां गौड़, चक बेगमपुर, पाकबड़ा में कई घरों में बुखार के मरीज हैं। कहीं घर के सभी सदस्य बीमार हैं। स्वास्थ्य विभाग सिर्फ अभी सिर्फ कुछ गांवों में ही शिविर लगा रहा है।