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जानलेवा बीमारी: मुरादाबाद में चार और मौतें, अब तक डेंगू व बुखार से 32 की जा चुकी जान, मरीजों को कब मिलेगी राहत

Thu, 14 Sep 2023 11:03 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद

सार

मुरादाबाद में डेंगू और बुखार से पीड़ित मरीजों को विभिन्न अस्पतालों में पहुंचना जारी है। अब तब 32 लोगों की जान जा चुकी है। अगवानपुर व ठाकुरद्वारा में बुखार व डेंगू से सबसे ज्यादा मौतें हुई हैं।लोगों को स्वास्थ्य विभाग की मदद नहीं मिल पा रही है। 
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मुरादाबाद जिला अस्पताल में खड़े मरीज - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुरादाबाद जिला बुखार से अब तप रहा है, हर दिन गांवों में लोगों की मौत हो रही है। कुंदरकी में चार और बुखार पीड़ितों की जान चली गई। जिले में अब तक बुखार से 17 व डेंगू से छह लोगों की मौत हो चुकी है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग अक्तूबर में दस्तक अभियान चलाकर घर घर बुखार के मरीज ढूंढेगा। वहीं स्वास्थ्य विभाग की डायरी में डेंगू से मरने वालों का आंकड़ा शून्य है।

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बुधवार को कुंदरकी ब्लॉक के सीमांत गांव बघी गोवर्धनपुर और जटपुरा में चार लोगों की मौत हुई है। इनमें से दो मरीजों को डॉक्टर ने जांच के बाद डेंगू बताया था। इन सभी का निजी अस्पतालों से इलाज चल रहा था। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी हमेशा की तरह इन मौतों से अंजान हैं।

बघी गोवर्धनपुर गांव निवासी मजदूर तीरथ सैनी (58) को पांच दिन पहले बुखार आया था। स्थानीय डॉक्टर से इलाज कराने पर आराम नहीं हुआ तो मुरादाबाद के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक डॉक्टर ने उन्हें डेंगू बताया था।
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इसी गांव की संतोष कुमारी (48) को भी कई दिन से बुखार था। निजी अस्पताल में इलाज के दौरान उन्होंने बी दम तोड़ दिया। बघी गोवर्धनपुर के ही लाखन सिंह प्रजापति (55) की भी बुखार के बाद हालत बिगड़ती गई। बुधवार को अस्पताल में उनकी मौत हो गई।

दूसरी ओर संभल रोड से सटे गांव जटपुरा में शमीम जहां (36) को पांच दिन से बुखार था। हालत में सुधार न होने पर परिजनों ने उन्हें मुरादाबाद के निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। खून की जांच के बाद डॉक्टर ने उन्हें डेंगू बताया था। महिला ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। बघी गोवर्धनपुर में ग्राम प्रधान और उनके बेटा-बेटी समेत तमाम लोग बीमार हैं।

अगवानपुर व ठाकुरद्वारा में सबसे ज्यादा मौतें

अगवानपुर व ठाकुरद्वारा में अब तक बुखार व डेंगू से सबसे ज्यादा मौतें हुई हैं। अगवानपुर में एक माह में नौ मौतों में से तीन डेंगू से व छह बुखार से हुई हैं। वही ठाकुरद्वारा में आठ लोगों की जान गई है। इनमें से डॉक्टरों ने एक को डेंगू बताया था। बिलारी में एक व कुंदरकी में चार लोगों की मौत हुई है। जबकि शहर में एक महिला ने डेंगू के कारण निजी अस्पताल में दम तोड़ दिया था।

हर महीने भर्ती हो रहे बुखार के आठ हजार मरीज

जुलाई से अब तक बुखार का कहर ऐसा है कि हर माह बुखार के औसतन आठ हजार मरीज जिला अस्पताल व सीएचसी पर भर्ती हो रहे हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में जुलाई 4913 मरीज बुखार के देखे गए। जबकि भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या करीब 6000 रही। अगस्त में बुखार के 5107 मरीज देखे गए।

भर्ती होने वालों की संख्या सात हजार से ज्यादा है। इसी तरह सितंबर में अब तक बुखार के 2400 से ज्यादा मरीज ओपीडी में देखे गए हैं। जबकि 3000 से ज्यादा मरीज भर्ती हुए हैं। बीजना, अगवानपुर, गोवर्धनपुर, सिरसवां गौड़, चक बेगमपुर, पाकबड़ा में कई घरों में बुखार के मरीज हैं। कहीं घर के सभी सदस्य बीमार हैं। स्वास्थ्य विभाग सिर्फ अभी सिर्फ कुछ गांवों में ही शिविर लगा रहा है।

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