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मुख्यमंत्री के निर्देश पर जांच को गठित पांच सदस्यीय शासन की टीम 26 को आएगी

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मुरादाबाद। ग्राम पंचायतों में प्रशासकों के कार्यकाल में विकास के नाम पर खर्च की गई 38 करोड़ रुपये की धनराशि के मामले में शासन स्तर से गठित विशेष जांच टीम 26 सितंबर को मुरादाबाद पहुंचेगी। पांच सदस्यीय यह टीम तीन दिन तक जिले के विकास खंड कुंदरकी और मूंढापांडे की ग्राम पंचायतों में प्रशासकों द्वारा कराए गए विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण करने के साथ इन कार्यों को कराए जाने के लिए पंचायतीराज एक्ट में दिए गए प्रावधानों का पालन किया गया है अथवा नहीं इसका परीक्षण करेगी।
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प्रशासकों द्वारा कराए गए कार्य में अब तकजिला व मंडल के अधिकारियों द्वारा की गई जांच में काफी गड़बड़ियां मिल चुकी हैं। कुछ पर कार्रवाई भी हो चुकी है, लिहाजा टीम के आने की सूचना से महकमे में जहां हड़कंप है वहीं खास कर उन प्रशासकों के चेहरे की रंगत उड़ी हुई है जिन्होंने प्रशासक रहते हुए विकास के नाम पर आनन-फानन नियम व कायदों को ताक पर रख कर लाखों रुपये की धनराशि का भुगतान किया है।
ग्राम पंचायतों में प्रधान पद के चुनाव की प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही प्रधानों का कार्यकाल 24 दिसंबर 2020 को खत्म हो गया था और 25 दिसंबर 2020 से ग्राम पंचायतों की बागडोर संबंधित विकास खंड में तैनात एडीओ (पंचायत) व ग्राम पंचायत सचिव के हाथ में बतौर प्रशासक आ गई थी। नवनिर्वाचित प्रधानों के शपथ ग्रहण के साथ ही 27 मई 2021 को प्रशासकों का कार्यकाल खत्म हो गया था।
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इस कार्यकाल में प्रशासकों ने जिले के सभी आठ विकास खंड क्षेत्रों में करीब 38 करोड़ रुपये विकास कार्य के नाम पर खर्च किए। इसमें आनन-फानन तमाम भुगतान बिना कार्य के ही कर दिए गए थे। जबकि कई सामग्री बाजार मूल्य से अधिक दामों पर खरीद ली गई दिखाई गई। साफ-सफाई, हैंडपंप रीबोर, वाटर कूलर, फागिंग मशीन, स्प्रे किट आदि की खरीद में भी अनियमितता बरती गई।
अमर उजाला की पड़ताल में इस मामले के खुलासे के बाद प्रशासन हरकत में आया। डीएम, कमिश्नर ने जांच बैठाई। तत्कालीन डीपीआरओ राजेश कुमार ने भी मौका मुआयना किया। इसमें बिना कार्य के भुगतान कुछ स्थानों पर पाया गया तो उन्होंने कार्रवाई के बजाय अधूरे कार्य को पूरा करने के लिए समय दे दिया। तत्कालीन डीपीआरओ स्वयं छजलैट ब्लाक के प्रशासक रहे। वहां खुद विकास कार्य में काफी गड़बड़ियां थीं।
लिहाजा वह जब तक डीपीआरओ पद पर यहां रहे तब तक मामले को दबाने का प्रयास करते रहे, लेकिन कमिश्नर, डीएम व सीडीओ की इस पर बराबर नजर बनी हुई थी। लिहाजा मामला दब नहीं सका। नये डीपीआरओ के कार्यभार संभालने के बाद जांच में कुछ तेजी आई। डीएम, कमिश्नर व सीडीओ के पत्र जो दबे हुए थे उन पर भी कार्रवाई तेज कर दी गई। इसके चलते एक के बाद एक मामले उजागर होते गए।
पंचायती राज मंत्री के जिले में ग्राम पंचायतों में विकास कार्य के नाम पर की गई धांधली का मामला मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचा तो शासन से विशेष सचिव पंचायती राज शाहिद मंजर अब्बास रिजवी की अगुवाई में विशेष जांच टीम 29 अगस्त 2021 को गठित करते हुए टीम से 15 दिन के भीतर कुंदरकी व मूंढापांडे ब्लाक की ग्राम पंचायतों में प्रशासकों द्वारा कराए गए विकास कार्यों की जांच, धनराशि के आहरण, दुरुपयोग और भ्रष्टाचार की जांच कर रिपोर्ट देने को कहा गया था।
यह टीम 26 सितंबर को मुरादाबाद पहुंच रही है जो 28 सितंबर तक जिले में रहकर कुंदरकी और मूंढापांडे ब्लाक में प्रशासकों के कार्यकाल में कराए गए विकास कार्यों की पड़ताल करेगी। टीम का नेतृत्व कर रहे शाहिद मंजर अब्बास रिजवी ने इस आशय की सूचना डीएम व उपनिदेशक (पंचायती राज) मुरादाबाद को भेजते हुए पूर्व में मांगी गई सूचना व अभिलेखोें समेत संबंधित अधिकारियों को मौजूद रहने का निर्देश जारी करने को कहा है।
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