अमरोहा के ढबारसी में परचून की दुकान में बेचने के लिए रखे पेट्रोल में आग लग गई। आग में घिरे संदूक में रखी नकदी को निकालने के प्रयास में महिला और महिला को बचाने के प्रयास में उसकी बेटी बुरी तरह से झुलस गईं। संभल के निजी अस्पताल में उपचार के दौरान महिला की मौत हो गई, जबकि बेटी की हालात गंभीर बनी हुई है।
आदमपुर थाना क्षेत्र के खिलाफ रानी वाला गांव में चरण सिंह की घर में ही परचून की दुकान है। घर में ही दुकान है। सोमवार रात्रि लगभग 10 बजे चरन सिंह की पत्नी मिथलेश (45) हीटर पर खाना बना रही थी। अचानक बिजली के तारों में आग लग गई। आग की लपटें देखते ही देखते परचून की दुकान तक पहुंच गईं।
जहां पर बिक्री के लिए पेट्रोल की केन रखी हुई थी। पेट्रोल ने आग पकड़ ली और लपटों ने विकराल रूप से ले लिया। लपटों के बावजूद मिथलेश संदूक में रखी 82 हजार रुपये की रकम बचाने के लिए भीतर घुस गईं। मिथलेश ने रुपये तो निकाल लिए लेकिन खुद को लपटों से बाहर नहीं निकाल पाई। मां को आग की लपटों में घिरा देख 17 वर्षीय पुत्री राजबाला बचाने के लिए अंदर घुस गई और बुरी तरह से झुलस गई।
चीख-पुकार सुनकर मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों ने किसी तरह से आग बुझाकर दोनों को बाहर निकाला। परिजन मां बेटी को उपचार के लिए संभल के निजी अस्पताल में ले गए। जहां पर मिथलेश की उपचार के दौरान मौत हो गई। जबकि पुत्री राजबाला गंभीर हालत में जिंदगी और मौत से जूझ रही है।
आग से घर में रखे कपड़े, बर्तन, दुकान का सामान, अनाज व 82 हजार रुपये की नकदी आदि सामान जलकर राख हो गया। मिथलेश के शव का अंतिम संस्कार पुलिस को सूचना दिए बिना कर दिया गया है। मृतक ने अपने पीछे छह बच्चे छोड़े हैं। जिसमें सबसे बड़ी बेटी राजबाला है। इसके अलावा दो बेटी और हैं एवं तीन बेटे हैं। परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
गांव में आग में झुलस कर महिला की मौत हो जाने का मामला जानकारी में नहीं है यदि कोई सूचना मिलती है तो जांच पड़ताल की जाएगी।
- राज कुमार सरोज, इंस्पेक्टर थाना आदमपुर