ठाकुरद्वारा। लखनऊ में कोचिंग सेंटर में हुए अग्निकांड के बाद पुलिस प्रशासन जागा है। मंगलवार को कोतवाली में सीओ आशीष प्रताप सिंह और कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक मनोज परमार ने नगर क्षेत्र में संचालित कोचिंग और लाइब्रेरी के संचालक की बैठक ली। उन्होंने कहा कि सभी संस्थानों में फायर और इलेक्ट्रिक सेफ्टी की व्यवस्था होना जरूरी है। सभी संस्थाओं में प्रवेश और निकास द्वार अलग अलग होना चाहिए। कोचिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष अमित कुमार ने अधिकारियों को समय से संस्थानों में सभी व्यवस्थाएं पूरी हो जाने का आश्वासन दिया।
21 कोचिंग संस्थानों ने नहीं ली एनओसी
ठाकुरद्वारा। अग्निशमन केंद्र ठाकुरद्वारा के प्रभारी मोहित कुमार ने बताया कि करीब पांच माह पहले विभाग ने 21 कोचिंग संस्थानो को फायर सेफ्टी का पालन न करने पर नोटिस दिया था। लेकिन एक भी संस्थान ने न तो नोटिस का जवाब दिया और न ही अभी तक फायर सेफ्टी के मानकों का पालन किया है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति ठीक नहीं है।
ठाकुरद्वारा में करीब 70 कोचिंग संस्थान और लाइब्रेरी चल रही है। इन संस्थानों में करीब क्षेत्र और बाहर के 20 हजार छात्र छात्राएं पढ़ते हैं। नगर में नंगलिया रोड और आसपास करीब 70 कोचिंग संस्थान और लाइब्रेरी संचालित है। अग्निशमन केंद्र ठाकुरद्वारा के प्रभारी मोहित कुमार ने बताया कि सिर्फ एक संस्थान ने ही विभाग से एनओसी ले रखी है, शेष संस्थान बिना एनओसी के चल रहे हैं। सोमवार को लखनऊ में अग्निकांड के बाद के पुलिस और अग्निशमन विभाग के ने नगर के नगर के कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया था तो ज्यादातर में वहां लगे सेफ्टी उपकरण एक्सपायर डेट के पाए गए थे।