अमरोहा विधानसभा सीट से बसपा प्रत्याशी नावैद अयाज, उनके दो भाइयों और 500 अज्ञात समर्थकों के खिलाफ पुलिस ने अचार संहिता और कोरोना गाइडलाइन का उल्लंघन करने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज की है। मंगलवार की रात बसपा प्रत्याशी के चुनाव कार्यालय पर बिना अनुमति सभा करने के आरोप लगाते हुए पुलिस ने आयोजन को रुकवा दिया था। प्रत्याशी और पुलिस ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए थे।
सीओ विजय कुमार राणा ने बताया कि मंगलवार की रात नौ बजे के बाद बसपा के कुछ समर्थकों द्वारा डोर-टू-डोर प्रचार किया जा रहा था, जबकि चुनाव प्रचार का समय रात्रि 8 बजे तक का है। इसके कुछ देर बाद बसपा प्रत्याशी नावैद अयाज अपने चुनाव कार्यालय पर 400 से 500 व्यक्तियों की भीड़ इकट्ठा कर सभा कर रहे थे। भीड़ के बीच कोविड गाइडलाइन और चुनाव आयोग के दिशा निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा था। भीड़ से नौगांवा सादात रोड पर वाहनों का आवागमन ठप होने से राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
सूचना मिलने पर रज्जाक बाजार पुलिस चौकी के प्रभारी अरुण कुमार ने फोर्स के साथ मौके पर पहुंचकर बसपा नेताओं से सभा की अनुमति दिखाने के लिए कहा था। इससे प्रत्याशी नावैद अयाज और उनके दो भाई व बड़ी संख्या में उनके समर्थकों ने चीखना-चिल्लाना शुरू कर दिया। पुलिस कर्मियों की घेराबंदी का प्रयास किया। पुलिस कर्मी किसी तरह वहां से बचकर निकले और कोतवाली में जानकारी दी। और पुलिस पहुंची तो सभा में मौजूद भीड़ में भगदड़ मच गई। सीओ के मुताबिक आचार संहिता और करोना गाइडलाइन का उल्लंघन करने के मामले में बसपा प्रत्याशी नावैद अयाज, उनके भाई सऊद अयाज, सईद अयाज और 400-500 अज्ञात समर्थकों के खिलाफ दरोगा अरुण कुमार की तहरीर पर आईपीसी की धारा 188, 269, 270, 171एफ, महामारी अधिनियम की धारा 3 और 4 के तहतएफआईआर दर्ज कर ली गई है।
दूसरी ओर बसपा प्रत्याशी ने अपने व समर्थकों पर लगे आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने पुलिस पर एक सपा विधायक के इशारे पर उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है। यह भी आरोप लगाया है कि पुलिस ने उन्हें एनकाउंटर करने की धमकी दी है।