कांठ। तहसील क्षेत्र में तेंदुओं की दहशत बरकरार है। वन विभाग क्षेत्र के लोगों को जागरूक कर रहा है। पिछले काफी समय से क्षेत्र में तेंदुए दिखाई दे रहे हैं। कहीं तेंदुए सीसीटीवी कैमरे में कैद हो रहे हैं तो कहीं पर किसानों के घरों और नलकूपों की कोठरी पर बैठे दिखाई दे रहे हैं।
कांठ क्षेत्र में पिछले महीनों में तेंदुओं के द्वारा अलग-अलग स्थानों पर किए गए हमलों में बच्चों सहित 12 लोग घायल भी हो गए थे। एक साल में वन विभाग के द्वारा कांठ और छजलैट क्षेत्र से दस से अधिक तेंदुए पकड़े भी जा चुके हैं और दो मृत अवस्था में पड़े मिल चुके हैं। लेकिन इसके बाद भी तेंदुए दिखाई देने से क्षेत्र के लोगों में दहशत व्याप्त है। किसान खेतों पर जाने से कतरा रहे हैं तो वहीं बच्चों और महिलाओं में भी तेंदुओं का डर है। वन विभाग के डिप्टी रेंजर पुष्पेंद्र सिंह का कहना है कि क्षेत्र में फिलहाल रम्पुरा, दयानाथपुर और अहमदपुर निंगू नंगला इन तीन स्थानों पर तेंदुए लगे हुए हैं। कासमपुर में लगे पिंजरे को हटा लिया गया है। उनका कहना है कि जहां-जहां पर तेंदुए दिखाई देने की सूचनाएं मिल रही हैं, वहां-वहां टीम को साथ लेकर निरीक्षण भी किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इसी के साथ जगह-जगह जागरूकता संबंधी होर्डिंग भी लगाए हुए हैं।
तेंदुए के प्रति जागरूकता को एक सितंबर को होगी गोष्ठी
कांठ। क्षेत्र में लगातार दिखाई दे रहे तेंदुओं के प्रति जागरूकता और बचाव के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से एक सितंबर को कांठ तहसील सभागार में एसडीएम स्निग्धा चतुर्वेदी की अध्यक्षता में एक गोष्ठी और बैठक होगी। जिसमें ग्राम पंचायत प्रशासकों, सचिवों, लेखपालों आदि को क्षेत्र के लोगों को जागरूक करने के लिए कहा जाएगा। 25 अगस्त को भी गोष्ठी और बैठक हुई थी। संवाद