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मौसम की बेरुखी से परेशान हुए किसान, बारिश में भीग गया कटा हुआ धान

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मुरादाबाद। मौसम की बेरुखी एक बार फिर किसानों को भारी पड़ी है। रविवार को हुई बेमौसम बारिश ने धान की फसल को गीला कर दिया है। मौसम वैज्ञानिकों ने दो दिन बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में नमी की वजह से धान का दाना काला पड़ सकता है।
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जिले में धान का करीब 99 हजार हेक्टेयर रकबा है। इस बार शुरू से ही मौसम धान की फसल के अनुकूल नहीं रहा। बुवाई के समय बारिश नहीं हुई। किसान बारिश का इंतजार करते रहे, इस वजह से बुवाई लेट हो गई। इसके बाद भी रुक-रुक कर बारिश का दौर चलता रहा। सितंबर के आखिरी सप्ताह में फसल पकनी शुरू हुई तो कई बार बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ाईं। अब फसल पकने के बाद कटाई शुरू हुई तो बेमौसम बारिश ने किसानों के सामने मुश्किलें खड़ी कर दी हैं।
संदलपुर निवासी किसान होरी सिंह, महेंद्र आदि ने बताया कि उन्होंने शुक्रवार को धान की कटाई की थी। फसल खेतों में पड़ी थी लेकिन बारिश में भीग गई। इसी तरह ज्ञानपुर के राजपाल सिंह, राजेंद्र आदि किसानों के साथ भी हुआ। किसानों को इस बात की चिंता है कि मौसम वैज्ञानिकों ने दो दिन तक बारिश बताई है और दो दिन तक यदि खेतों में धान बारिश में भीगा तो उसका दाना काल पड़ सकता है। जिसे बाद में बेचने में परेशानी आएगी। उसे कोई लेेने को तैयार नहीं होगा। बारिश की वजह से धान की कटाई भी कुछ दिन प्रभावित हो जाएगी।
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सरसों की बुवाई के लिए फायदेमंद
इन दिनों सरसों की फसल की बुवाई भी चल रही है। ऐसे में ये बारिश सरसों की बुवाई के लिए लाभकारी हो सकती है। बुुवाई के बाद खेतों में पानी की जरूरत होती है। इस बारिश से खेतों में पानी की जरूरत नहीं रहेगी और पानी की पूर्ति हो जाएगी।
रविवार को हल्की बारिश हुई है। सोमवार को भी बारिश का अनुमान है। फिलहाल धान की फसल को नुकसान नही है, लेकिन यदि तेज और अधिक बारिश होती है तो नुकसान हो सकता है। तेज बारिश में धान की फसल यदि अधिक भीग गई और सूखने को वक्त नहीं मिला तो उसका दाना काला पड़ सकता है।
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- जेपी चौधरी, संयुक्त कृषि निर्देशक
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