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Moradabad News: अमेरिकी टैरिफ के टेरर से निर्यातकों ने बदली चाल, अब इटली व जर्मनी का रुख

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मुरादाबाद। अमेरिकी टैरिफ के टेरर की वजह से ईपीसीएच (हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद) ने इटली, जर्मनी, स्पेन सहित छह अन्य देशों में निर्यात बढ़ाने के लिए संपर्क साधना शुरू कर दिया है। वर्तमान में मुरादाबाद के निर्यातक नया आर्डर नहीं मिलने के कारण परेशान हैं।
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अमेरिका के 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने के कारण पीतलनगरी के निर्यात पर काफी असर पड़ा है। निर्यातकों का कहना है कि मुरादाबाद से निर्मित उत्पाद का 70 प्रतिशत अमेरिका के स्टोरों में सप्लाई होता था। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने के बाद यूपी में इसका सर्वाधिक असर पीतलनगरी के निर्यातकों पर पड़ा है। निर्यातकों को आर्डर मिलने लगभग बंद हो गए हैं।
अमेरिका की तरफ से दिए गए आर्डर के बाद अरबों के माल फंस गए हैं। लगभग 200 निर्यातकों की फैक्टरियों में लोकल के आर्डर बनाए जा रहे हैं। कुछ ही खाड़ी देशों से आर्डर मिले हैं। फैक्टरियों में कार्यरत मजदूर अन्य कार्य करने के लिए विवश हैं। कई कारोबारियों ने बैंकों से ऋण लिया है। बैंकों का ब्याज निर्यातकों पर बढ़ता जा रहा है। आर्डर नहीं मिलने पर कारोबारी डिफाल्टर हो सकते हैं।
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ईपीसीएच ने उठाए कई कदम
ईपीसीएच ने हैंडीक्राफ्ट के उत्पादों को देश के राज्यों में बिक्री करने की योजना बनाई हैं। इस मामले में कर्नाटक सहित दक्षिण के राज्यों से संपर्क किया है। ईपीसीएच के संयोजक अवधेश अग्रवाल का कहना है कि निर्यातकों के कारोबार को सुरक्षित रखने के लिए अमेरिका को छोड़कर छह अन्य देशों से संपर्क साधा जा रहा है। इसमें इटली, जर्मनी, स्पेन, आस्ट्रेलिया, साउथ अफ्रीका और दुबई शामिल हैं। अन्य देशों से अमेरिका के निर्यात की कमी पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। इस मामले में ईपीसीएच के पदाधिकारियों ने कई विदेशी स्टोर संचालकों से संपर्क साधकर पीतल नगरी के उत्पादों के सैंपल दिखाए हैं। संभावना है कि इसका शीघ्र परिणाम मिलेगा।

अमेरिका की नीति पर निर्यातकों की नजर
अमेरिका की नीति पर राजनीतिज्ञों के अलावा निर्यातक नजर रख रहे हैं। अभी अमेरिका टैरिफ हटाने के पक्ष में नहीं हैं। निर्यातकों का एक वर्ग का मानना है कि दो तीन माह में स्थितियां बदल सकती हैं। सरकार को भी निर्यातकों की मदद करना होगा। वर्तमान समय में निर्यातक आर्थिक रूप से टूट रहे हैं।
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